पटना : दक्षिण भारत के तटीय हिस्सों में सक्रिय चक्रवात ‘दितवाह’ का प्रभाव अब बिहार के मौसम तक पहुँच रहा है। हालांकि यह तूफान सीधे तौर पर बिहार में किसी भारी नुकसान या बारिश का कारण नहीं बनेगा, लेकिन इसके बाहरी परतों से बने बादल राज्य के कई जिलों में दिखाई देने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे तक आसमान में बादल छाए रहेंगे, परंतु वर्षा की संभावना बहुत कम है।
किशनगंज सबसे ठंडा, औरंगाबाद में भी गिरा पारा
बीते 24 घंटों में बिहार के विभिन्न इलाकों में तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। किशनगंज 12.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा जिला दर्ज किया गया। वहीं लगातार तीन दिनों से न्यूनतम तापमान में अग्रणी औरंगाबाद में रविवार को न्यूनतम तापमान 13.1 डिग्री सेल्सियस मापा गया।
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के जिलों में तापमान का अंतर बहुत अधिक नहीं है, पर आगामी सप्ताह में स्थिति बदल सकती है।
तापमान सामान्य के आस-पास, ठंड में नहीं दिखेगी अभी तेजी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 0.9 डिग्री सेल्सियस कम है, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है।
इसका सीधा असर यह हो रहा है कि सुबह और रात की ठंड अभी अधिक महसूस नहीं हो रही है। आमतौर पर दिसंबर के शुरुआती सप्ताह में जिस तरह की ठिठुरन रहती है, वह इस साल देखने को नहीं मिल रही।
बादल छाए रहने के बावजूद न्यूनतम तापमान में गिरावट नहीं होने के कारण अगले दो दिनों तक ठंड में कोई खास बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है।
दिसंबर के दूसरे सप्ताह में बड़े बदलाव की संभावना
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 7 से 9 दिसंबर के बीच बिहार में मौसम का रुख बदल सकता है। इस दौरान पछुआ हवा की गति बढ़ेगी, जो आमतौर पर दिसंबर में तेज शीतलहर लेकर आती है।
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि:
- न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज होगी।
- पारा 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है।
- उत्तर बिहार के कुछ जिलों में हल्की गलन और कड़ाके की ठंड महसूस होगी।
विशेषज्ञों ने यह भी संकेत दिया है कि ठंड का असली असर मध्य दिसंबर से शुरू होगा, जो जनवरी तक चरम पर पहुंच सकता है।
तूफान ‘दितवाह’ का असर केवल ऊपरी हवा तक सीमित
दक्षिण भारत में उठा चक्रवात ‘दितवाह’ आँध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी जैसे इलाकों में गंभीर प्रभाव छोड़ सकता है, लेकिन बिहार इसके प्रभाव क्षेत्र से काफी दूर है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने स्पष्ट किया है कि:
- बिहार में तेज हवा,
- भारी वर्षा,
- या तूफानी परिस्थितियाँ बनने की संभावना नहीं है।
बिहार में इसका प्रभाव केवल ऊपरी हवा में मौजूद बादलों की शक्ल में दिखाई देगा, जिसके कारण सूर्य की रोशनी कम होगी और दिन में हल्की ठंडक बढ़ सकती है।
अगले 48 घंटे: बादल, लेकिन बिना बारिश के
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक बिहार के अधिकतर जिलों—पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा—में बादल छाए रहेंगे।
लेकिन वर्षा का कोई पूर्वानुमान नहीं है।
इससे किसानों को राहत मिलेगी, क्योंकि गेहूं और रबी फसल की बुवाई प्रभावित होने का खतरा नहीं है।
बिहार में ‘दितवाह’ तूफान का असर केवल बादलों तक सीमित रहेगा, लेकिन दिसंबर के दूसरे सप्ताह में पछुआ हवाओं के कारण ठंड तेजी से बढ़ सकती है। फिलहाल राज्य में मौसम स्थिर है, और अगले 48 घंटों तक हल्की बदली और सामान्य तापमान का दौर जारी रहेगा।





