प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद पर आशुतोष ब्रह्मचारी के गंभीर आरोप’
प्रयागराज में आशुतोष ब्रह्मचारी के गंभीर आरोप, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर कुकर्म का दावा

UP, प्रयागराज : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले में नया मोड़ तब आया जब मुकदमे के वादी आशुतोष ब्रह्मचारी ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बटुकों से कुकर्म के मामलों में अविमुक्तेश्वरानंद अकेले नहीं, बल्कि कई प्रभावशाली और वीआईपी लोग भी शामिल हैं।
लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के निरीक्षण भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उनके पास ऐसे साक्ष्य हैं, जिनके आधार पर संबंधित लोगों का जेल जाना तय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में आश्रम के सीईओ प्रकाश उपाध्याय, गुरुभाई अरविंद, बालमुकुंदानंद सहित कुछ राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने किसी उपमुख्यमंत्री का नाम सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन दावा किया कि उत्तर प्रदेश के एक उपमुख्यमंत्री पर्दे के पीछे से सहयोग कर रहे हैं।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह भी आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को विदेश से फंडिंग मिलती है और उनकी धार्मिक उपाधि को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि अविमुक्तेश्वरानंद को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।
उन्होंने मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर स्थित विद्यामठ सहित अन्य स्थानों पर भी कथित कुकर्म की घटनाओं का जिक्र किया। ब्रह्मचारी के अनुसार, इन स्थानों पर बटुकों के साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं हुईं। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यामठ परिसर में स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं और दक्षिण भारत से लाई गई एक महिला, पूर्णिमा, स्वामी के साथ रहती हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान लगाए गए आरोपों से धार्मिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद या उनके आश्रम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इतने गंभीर आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच आवश्यक है। यदि साक्ष्य प्रस्तुत किए जाते हैं, तो जांच एजेंसियां कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगी। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि इस पूरे प्रकरण को राजनीतिक रंग भी दिया जा सकता है, इसलिए तथ्यों की पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।
फिलहाल, यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।




