पूर्णिया जिले के किसानों के लिए बड़ी राहत और अवसर लेकर आई भारत सरकार की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टैक योजना की औपचारिक शुरुआत हो गई। जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) सभागार में आयोजित एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में एडीएम रवि राकेश ने ‘फार्मर रजिस्ट्री’ अभियान का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता (राजस्व) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ वरीय उप समाहर्ता, जिला कृषि पदाधिकारी, उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण), सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, अंचल अधिकारी (CO), प्रखंड कृषि पदाधिकारी, राजस्व अधिकारी (RO), कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (BTM), सहायक तकनीकी प्रबंधक (ATM), स्पेशल सर्वे अमीन और किसान सलाहकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता (राजस्व) ने सभी संबंधित विभागों को मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व और कृषि विभाग के बीच मजबूत समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य हासिल करना आवश्यक है। अगले 10 से 15 दिनों के भीतर 50 प्रतिशत पीएम-किसान लाभार्थियों की फार्मर रजिस्ट्री पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है।
उन्होंने हल्का कर्मचारी तथा RO/CO स्तर पर लंबित FR ID को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन करने पर जोर दिया। वर्क-फ्लो मॉड्यूल के माध्यम से तकनीकी अड़चनों को दूर करने और पेंडिंग मामलों के समाधान के निर्देश भी दिए गए।
जिला कृषि पदाधिकारी ने एग्रीस्टैक की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि फार्मर रजिस्ट्री और क्रॉप रजिस्ट्री (डिजिटल क्रॉप सर्वे) का उद्देश्य किसान, फसल और भूमि के बीच सीधा एवं पारदर्शी डिजिटल संबंध स्थापित करना है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचेगा और अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
मास्टर ट्रेनर्स द्वारा विभिन्न मॉड्यूल, ई-केवाईसी प्रक्रिया, पेंडिंग वर्क-फ्लो और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 1,84,000 से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री सफलतापूर्वक तैयार की जा चुकी है और पूर्णिया राज्य में लगातार तीसरे स्थान पर बना हुआ है।
प्रशिक्षण के उपरांत सभी अधिकारियों ने नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ अभियान को तेज गति से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया, ताकि जिले के किसानों को डिजिटल पहचान और योजनाओं का पारदर्शी लाभ सुनिश्चित किया जा सके।




