पटना : भारत के प्रथम राष्ट्रपति और संविधान सभा के अध्यक्ष देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की 141वीं जयंती पर आज पटना में राजकीय समारोह बड़े श्रद्धा और सम्मान के साथ आयोजित किया गया। राजधानी के राजेंद्र चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद के राष्ट्रनिर्माण में दिए गए अप्रतिम योगदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने की अपील की।
राजकीय समारोह के दौरान राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने स्वदेशी कंबल आश्रम की चरखा कातने वाली महिलाओं के बीच साड़ियों का वितरण भी किया। उन्होंने कहा कि चरखा न केवल आत्मनिर्भरता का प्रतीक है बल्कि गांधीवादी विचारधारा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा भी है। इस पहल से महिलाओं में उत्साह और सम्मान की भावना जागृत होगी।
माल्यार्पण के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री का काफिला राजेंद्र घाट स्थित समाधि स्थल पहुँचा, जहाँ उन्होंने पुष्पचक्र अर्पित कर डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रति गहरा सम्मान प्रकट किया। संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा, त्याग और सरलता को भारत की अमूल्य धरोहर बताया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी और विधायक श्याम रजक सहित कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने देशरत्न की प्रेरणादायी जीवन यात्रा को याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
जयंती समारोह के दौरान शहर भर में विभिन्न संगठनों द्वारा भी स्मृति कार्यक्रम, चर्चा सत्र और सांस्कृतिक आयोजनों का आयोजन किया गया। कई स्कूलों और संस्थानों में छात्रों ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद के जीवन और उनके योगदान पर प्रस्तुतियाँ दीं।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद का जीवन सादगी, समर्पण और राष्ट्रसेवा का अद्भुत उदाहरण है। उनकी जयंती पर आयोजित यह राजकीय समारोह नई पीढ़ी को प्रेरित करने का कार्य करेगा और राष्ट्रहित में समर्पित सोच को मजबूत करेगा।




