दरभंगा : बिहार प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन, दरभंगा शाखा की ओर से ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के सेमिनार हॉल में स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं के बीच वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में दरभंगा के 30 स्नातकोत्तर विभागों एवं पीजी संचालित कॉलेजों से 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
मुख्य अतिथि बिहार सरकार के उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एनके अग्रवाल ने कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। शिक्षित, जागरूक, तार्किक, संवेदनशील और जिम्मेदार युवाओं से ही देश का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। स्वस्थ बहस के साथ दूसरों के विचारों को धैर्यपूर्वक सुनना भी जरूरी है।
प्रो. अग्रवाल ने प्रतियोगिता को छात्रों के व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर युद्ध के शहीदों के सम्मान में उपस्थित लोगों से दो मिनट का मौन भी धारण कराया।
उद्घाटन सत्र के अध्यक्ष एवं सम्मेलन के दरभंगा शाखा अध्यक्ष विनोद कुमार सरावगी ने कहा कि कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अनुमति से प्रतियोगिता का आयोजन संभव हुआ। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य प्रतिभाओं को पहचानने के साथ उन्हें अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। प्रतियोगिता के लिए कुल 32 विषय निर्धारित किए गए हैं, जिनके पक्ष और विपक्ष में प्रतिभागियों ने अपने तर्क रखे।
चैंबर ऑफ कॉमर्स, दरभंगा के अध्यक्ष पवन कुमार सुरेका और पीजी वाणिज्य विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. ललन प्रसाद सिंह ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रतियोगिता को छात्रों की तार्किक एवं संप्रेषण क्षमता विकसित करने का बेहतर माध्यम बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन से हुआ। निर्णायक मंडल में डॉ. आरएन चौरसिया, डॉ. ललित शर्मा, डॉ. प्रियंका राय, डॉ. नीतू कुमारी, डॉ. निर्मला कुशवाह और पंकज कुमार श्रीवास्तव शामिल रहे। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारी, साहित्यकार और समाजसेवी मौजूद रहे।
संवाददाता : मनीष कुमार




