समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड में छात्र संगठन एसएफआई (SFI) के प्रतिनिधिमंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सरकारी D.El.Ed एवं B.Ed कॉलेज की स्थापना की मांग की है। छात्र नेताओं का कहना है कि इतने बड़े शैक्षणिक क्षेत्र में आज तक सरकारी प्रशिक्षण संस्थान का अभाव होना क्षेत्र के छात्रों के लिए गंभीर समस्या बन गया है।
ज्ञापन में बताया गया कि विभूतिपुर प्रखंड में हर वर्ष लगभग 15 से 20 हजार छात्र-छात्राएँ शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में नामांकन लेना चाहते हैं। लेकिन सरकारी कॉलेज नहीं होने के कारण उन्हें अन्य जिलों या बिहार से बाहर जाकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे छात्रों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
छात्र नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी संस्थान की कमी का फायदा कई दलाल और बिचौलिये उठा रहे हैं। वे छात्रों को बाहर के कॉलेजों में नामांकन दिलाने के नाम पर भारी रकम वसूलते हैं। जहां सामान्य रूप से फीस कम होनी चाहिए, वहां छात्रों से डेढ़ से दो लाख रुपये तक लिए जाते हैं। कई बार छात्रों का नामांकन फर्जी या मान्यता प्राप्त न होने वाले संस्थानों में करा दिया जाता है, जिससे उनका पैसा भी बर्बाद हो जाता है और भविष्य भी संकट में पड़ जाता है।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व छात्र नेता अभिनव कुमार चौधरी उर्फ सोनू ने किया। उनके साथ एसएफआई के जिला कमेटी सदस्य केशव कुमार झा भी मौजूद थे। छात्र नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ शिक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि हजारों छात्रों के भविष्य और आर्थिक शोषण से जुड़ा गंभीर सवाल है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि विभूतिपुर जैसे बड़े प्रखंड में सरकारी D.El.Ed और B.Ed कॉलेज की स्थापना की दिशा में जल्द ठोस पहल की जाए। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने ही इलाके में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और उन्हें बाहर जाने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
छात्र नेताओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस दिशा में जल्द पहल नहीं की गई तो छात्र-छात्राएँ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से अपील की गई कि छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए विभूतिपुर में जल्द से जल्द शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जाए, ताकि क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें और उन्हें दलालों व बिचौलियों के आर्थिक शोषण से मुक्ति मिल सके।




