बिहार के सरकारी विद्यालयों में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (टीआरई–4) के तहत लगभग 44,000 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। शिक्षा विभाग को राज्य के सभी जिलों से कक्षा 1 से 12 तक के शिक्षकों की रिक्तियों का विवरण प्राप्त हो चुका है। आरक्षण रोस्टर के अनुसार सभी पदों को क्लियर कर शिक्षा विभाग ने इन्हें सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया है। एक सप्ताह के भीतर सामान्य प्रशासन विभाग से स्वीकृति के बाद यह रिक्तियां बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी जाएंगी।
माना जा रहा है कि BPSC फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4) का विज्ञापन जारी करेगा। जानकारी के अनुसार, कक्षा 9 से 12 तक के लिए लगभग 25,000 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी, जबकि कक्षा 1 से 8 तक के लिए करीब 19,000 पद निर्धारित किए गए हैं।
पिछले दो वर्षों में BPSC द्वारा TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के माध्यम से लगभग 2 लाख 27 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। TRE-4 की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिहार में शिक्षकों की कुल संख्या बढ़कर करीब 6 लाख 40 हजार हो जाएगी। वर्तमान में राज्य में औसतन 29 छात्रों पर एक शिक्षक है, जबकि चौथे चरण की नियुक्ति के बाद यह अनुपात सुधरकर लगभग 27 छात्रों पर एक शिक्षक का हो जाएगा। इससे विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता और व्यक्तिगत ध्यान देने की क्षमता में सुधार की उम्मीद है।
हालांकि शिक्षा विभाग का लक्ष्य था कि दिसंबर 2025 तक सभी रिक्तियां BPSC को भेज दी जाएं, लेकिन विभिन्न वर्गों के आरक्षण रोस्टर को अंतिम रूप देने में देरी हो गई। साथ ही विधानसभा चुनाव के कारण नवंबर तक कई जिलों से रिक्तियों का विवरण नहीं मिल सका, जिससे प्रक्रिया थोड़ी धीमी हुई।
बिहार के अभ्यर्थियों को मिलेगा बड़ा लाभ
TRE-4 में पहली बार यह व्यवस्था की गई है कि राज्य के अभ्यर्थियों के लिए लगभग 85 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। शेष 15 प्रतिशत सीटों पर ही दूसरे राज्यों के निवासी या वे अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे, जिनकी मैट्रिक या इंटरमीडिएट की पढ़ाई बिहार के बाहर से हुई है। डोमिसाइल नीति लागू होने से बिहार के युवाओं को शिक्षक बनने का अधिक अवसर मिलेगा।
इसके अलावा महिला अभ्यर्थियों को भी आरक्षण का विशेष लाभ मिलेगा। कक्षा 1 से 5 तक के लिए 50 प्रतिशत और अन्य कोटियों में 35 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इससे महिला शिक्षकों की भागीदारी और सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि TRE-4 से राज्य के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर होगी। इससे न केवल छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, बल्कि बेरोजगार युवाओं को भी बड़ी संख्या में रोजगार का अवसर प्राप्त होगा।
कुल मिलाकर TRE-4 बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब अभ्यर्थियों की नजर BPSC द्वारा विज्ञापन जारी किए जाने की तिथि पर टिकी है, ताकि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा की तैयारी शुरू कर सकें।




