पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक (सैद्धांतिक) परीक्षा 2026 को स्वच्छ, कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने स्पष्ट किया कि परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा और परीक्षा की पवित्रता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में परीक्षार्थियों के अलावा कोई अनधिकृत व्यक्ति परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं करेगा। परीक्षा केंद्र के आसपास भीड़ जमा न हो, इसकी जिम्मेदारी स्टैटिक और गश्ती मजिस्ट्रेटों की होगी। नकल या कदाचार में लिप्त पाए जाने पर परीक्षार्थियों, अभिभावकों और कर्मियों पर बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि इंटरमीडिएट परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक चलेगी। पटना जिले में कुल 84 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 73,963 परीक्षार्थी शामिल होंगे। पटना सदर में 40, पटना सिटी में 12, दानापुर में 12, बाढ़ में 9, मसौढ़ी में 7 और पालीगंज में 4 केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए वीक्षकों की तैनाती एनआईसी के माध्यम से रैंडमाइजेशन द्वारा की गई है। प्रत्येक 25 छात्रों पर एक वीक्षक रहेगा। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे कार्यरत रहेंगे और वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। केंद्रों के आसपास फोटोस्टेट की दुकानें परीक्षा अवधि में बंद रहेंगी।
जिला प्रशासन ने पटना सदर अनुमंडल में 80 स्टैटिक दंडाधिकारी, 17 गश्ती दंडाधिकारी और 10 जोनल-सह-उड़नदस्ता दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। अन्य अनुमंडलों में भी एसडीओ और एसडीपीओ द्वारा आवश्यक प्रतिनियुक्तियां की गई हैं। जिला नियंत्रण कक्ष में 15 गश्ती और 15 स्टैटिक दंडाधिकारी सुरक्षित रखे गए हैं।
परीक्षार्थियों की दो स्तर पर तलाशी (फ्रिस्किंग) होगी। महिला परीक्षार्थियों की तलाशी महिला कर्मियों द्वारा पर्दानुमा कक्ष में की जाएगी। किसी भी परीक्षा कक्ष में मोबाइल, ब्लूटूथ या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना सख्त मना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पदाधिकारी, पुलिस बल और केंद्राधीक्षक समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि परीक्षा निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भी पटना जिला सफलतापूर्वक परीक्षा संचालन कर एक मिसाल कायम करेगा।




