“द सिडक्शन” ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया
विश्वा, पटना के तीन दिवसीय ‘विश्वोत्सव 2025-26’ में आंतोन चेखव लिखित नाटक का मंचन, मानवीय भावनाओं और यथार्थ का सजीव चित्रण प्रस्तुत।
राजधानी पटना में रंगकर्म की सक्रिय संस्था विश्वा, पटना द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव ‘विश्वोत्सव 2025-26’ के दूसरे दिन दर्शकों को एक विचारोत्तेजक प्रस्तुति देखने का अवसर मिला। 27 फरवरी 2026 को संध्या 6:30 बजे इमेजिनेशन स्कूल ऑफ ड्रामा एंड फिल्म मेकिंग, कंकड़बाग में प्रसिद्ध रूसी साहित्यकार आंतोन चेखव द्वारा लिखित नाटक “द सिडक्शन” का मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन रंगकर्मी राजेश नाथ राम ने किया।
“द सिडक्शन” मानवीय भावनाओं, लालच और यथार्थ के टकराव का सजीव चित्रण प्रस्तुत करता है। ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित इस कथा में पात्रों के संवादों के माध्यम से समाज की गहराइयों और मानवीय कमजोरियों को उजागर किया गया। नाटक का केंद्रीय पात्र एक चतुर और प्रभावशाली पुरुष है, जो अपनी बातों और व्यवहार से महिलाओं को आकर्षित करता है और अपने स्वार्थ के लिए उनका उपयोग करता है।
हालांकि चेखव की विशिष्ट शैली के अनुरूप यह नाटक केवल घटनाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पात्रों की आंतरिक उलझनों, भावनात्मक द्वंद्व और उनके निर्णयों के पीछे छिपी मानसिकता को भी सामने लाता है। हास्य, व्यंग्य और त्रासदी के मिश्रण से सजी यह प्रस्तुति दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ आत्ममंथन का अवसर भी देती है।
मंच पर रंगोली पाण्डेय, आदिल रशीद और राजेश राजा ने प्रभावशाली अभिनय से पात्रों को जीवंत बना दिया। पार्श्व ध्वनि की जिम्मेदारी राहुल आर्यन ने संभाली, जबकि प्रकाश व्यवस्था रेयाज़ अहमद द्वारा की गई। रूप सज्जा तन्नु आश्मी और वस्त्र विन्यास आदित्य ने किया। मंच निर्माण में सुनील जी का योगदान रहा। पूर्वाभ्यास प्रभारी के रूप में शशांक शेखर और अभिषेक मेहता ने सहयोग दिया।
प्रस्तुति के अंत में दर्शकों ने कलाकारों की सराहना की और आयोजन के लिए इमेजिनेशन पटना एवं कुंदन कुमार को धन्यवाद दिया गया। नाटक का अप्रत्याशित और विचारोत्तेजक अंत दर्शकों को मानवीय संबंधों और जीवन की वास्तविकताओं पर चिंतन करने के लिए प्रेरित करता है।




