राजधानी पटना में शुक्रवार का दिन राजनीतिक और कानूनी हलकों के लिए हलचल भरा रहा। सुबह सोशल मीडिया पर शादी की सालगिरह का भावुक संदेश साझा करने वाले देवा गुप्ता को शाम होते-होते बिहार STF ने गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई पटना के पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र स्थित राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 301 में की गई। गुप्त सूचना के आधार पर STF टीम ने छापेमारी कर उन्हें हिरासत में लिया।
देवा गुप्ता को तेजस्वी यादव का करीबी माना जाता है। गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में बहस तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे कानून-व्यवस्था से जोड़कर सवाल उठा रहा है, वहीं राजद खेमे में इसे राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताया जा रहा है।
28 आपराधिक मामले, इनामी आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार देवा गुप्ता पर हत्या, लूट, रंगदारी, जमीन कब्जा और अन्य गंभीर धाराओं में कुल 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। मोतिहारी पुलिस की 100 वांछित अपराधियों की सूची में उनका नाम सबसे ऊपर बताया गया था। संबंधित एसपी ने उन पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। दो मामलों में वे लंबे समय से फरार चल रहे थे और उन्हें 10 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश भी दिया गया था।
हालांकि गिरफ्तारी से पहले देवा गुप्ता ने कानूनी राहत ली थी। करीब दो महीने पहले पटना हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई लंबित रहने तक सख्त कार्रवाई पर रोक लगाई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि सुनवाई पूरी होने तक दंडात्मक कदम नहीं उठाए जाएंगे। अब STF की कार्रवाई के बाद कानूनी स्थिति को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।
पत्नी मेयर, राजनीतिक सक्रियता
देवा गुप्ता की पत्नी प्रीति कुमारी मोतिहारी नगर निगम की मेयर हैं। वर्ष 2022 में मेयर चुनाव जीतकर उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया था। वर्ष 2025 में राजद ने देवा गुप्ता को चुनावी मैदान में उतारा था और इससे पहले लोकसभा टिकट की दावेदारी भी की गई थी।
गिरफ्तारी के बाद प्रीति कुमारी ने इसे बेवजह की कार्रवाई बताया। उनका कहना है कि कई मामलों में जमानत और स्टे आदेश मिल चुके हैं तथा कानूनी प्रक्रिया जारी है।
सियासत में नई हलचल
गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय जनता दल और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है। STF की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा की जा रही है।
फिलहाल देवा गुप्ता को पूछताछ के लिए हिरासत में रखा गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत के रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं। इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया है।





