मरणोपरांत ने दिखाया प्रेम और आत्मसंघर्ष का मंचन
विश्वा पटना के ‘विश्वोत्सव 2025-26’ में सुरेन्द्र वर्मा लिखित नाटक का प्रभावशाली मंचन, दर्शकों ने भावनात्मक कहानी और सशक्त अभिनय को सराहा।
पटना की प्रतिष्ठित नाट्य संस्था विश्वा, पटना द्वारा आयोजित तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव ‘विश्वोत्सव 2025-26’ के तहत 26 फरवरी 2026 को संध्या 6:30 बजे नाटक “मरणोपरांत” का प्रभावशाली मंचन किया गया। यह प्रस्तुति इमेजिनेशन स्कूल ऑफ ड्रामा एंड फिल्म मेकिंग, देश रतन पथ, कंकड़बाग, पटना में आयोजित हुई।
प्रसिद्ध लेखक सुरेन्द्र वर्मा द्वारा लिखित इस नाटक का निर्देशन राजेश नाथ राम ने किया। नाटक प्रेम, विश्वास और आत्मविश्वास के जटिल संबंधों को मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है। कहानी एक पति और उसकी पत्नी के प्रेमी के मानसिक संघर्ष पर आधारित है, जब पत्नी की आकस्मिक मृत्यु के बाद दोनों के भीतर भावनाओं का तूफान उमड़ता है।
“मरणोपरांत” केवल एक पारिवारिक त्रासदी की कहानी नहीं, बल्कि आत्मविश्लेषण और आत्म-संघर्ष की गहरी यात्रा है। मंच पर पति के दर्द और प्रेमी के आत्मग्लानि को जिस जीवंतता से प्रस्तुत किया गया, उसने दर्शकों को भावुक कर दिया। संवादों की तीव्रता और भाव-भंगिमाओं की गहराई ने नाटक को प्रभावशाली बना दिया।
मंच पर आदिल रशीद एवं राजेश राजा ने अपने सशक्त अभिनय से पात्रों को जीवंत किया। मंच परे प्रकाश परिकल्पना रेयाज़ अहमद की रही, जबकि पार्श्व ध्वनि राहुल आर्यन ने संभाली। रूप सज्जा पंकज कुमार, वस्त्र विन्यास आदित्य और मंच निर्माण सुनील जी द्वारा किया गया। पूर्वाभ्यास प्रभारी शशांक शेखर एवं अभिषेक मेहता रहे।
प्रस्तुति के अंत में आयोजकों ने इमेजिनेशन पटना एवं कुंदन कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया। यह मंचन न केवल कला प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव रहा, बल्कि पटना के रंगमंचीय परिदृश्य को भी नई ऊर्जा प्रदान करने वाला साबित हुआ।




