पेपरलेस बिहार सदन: 1 दिसंबर से टैब आधारित नया विधानसभा सत्र शुरू
पेपरलेस होगा सदन: एक दिसंबर से शुरू होगा नई सरकार का विधानसभा सत्र, टैब से सवाल पूछेंगे विधायक
बिहार विधानसभा अब पूरी तरह पेपरलेस होने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। नेवा (NEVA) योजना के तहत सदन में विधायकों की सीटों पर उच्च-तकनीकी टैब लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से विधायक प्रश्न, पूरक प्रश्न, प्रस्ताव और अन्य विधायी दस्तावेज सीधे डिजिटल रूप में प्रस्तुत करेंगे। नई तकनीक के साथ 18वीं बिहार विधानसभा के नए विधायकों को एक आधुनिक और पेपरलेस कार्यप्रणाली का अनुभव मिलने वाला है। सदन के भीतर कागजों का उपयोग लगभग समाप्त कर दिया जाएगा।
शुक्रवार को विधानसभा परिसर में टैब इंस्टॉलेशन का काम अंतिम चरण में देखा गया। लगभग सभी सीटों पर टैब लगाए जा चुके हैं। विधान परिषद में यह व्यवस्था पहले ही लागू हो चुकी है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, अब कार्यवाही का रिकॉर्ड, नोटिस, प्रश्न और प्रस्ताव सभी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होंगे।
सत्र से पहले सुरक्षा और व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा
विधानपरिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक, चिकित्सा, सफाई, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू रखने पर विस्तृत चर्चा की गई। सभापति ने निर्देश दिया कि सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन में किसी भी तरह की कमी न रहे।
उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को विधानसभा सचिवालय के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और सभी कार्य समय पर पूरा करने को कहा। नगर निगम को वीरचंद पटेल पथ स्थित नवनिर्मित विधायक आवासों में सफाई, विद्युत एवं जलापूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया।
संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि चूंकि यह 18वीं विधानसभा का पहला सत्र है, इसलिए नवनिर्वाचित सदस्यों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए सभी विभाग विशेष सतर्कता बरतें।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई तैयारियों की समीक्षा
बैठक में गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार, एडीजी डॉ. कमल किशोर सिंह, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक वैभव श्रीवास्तव, भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव शिवरंजन सहित कई विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। पटना डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम, एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, सिविल सर्जन और अन्य संबंधित पदाधिकारी भी बैठक का हिस्सा बने।
इन सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सदन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं तक, किसी भी स्तर पर कोई चूक न हो। यह पहली बार है जब पेपरलेस व्यवस्था के साथ इतना बड़ा सत्र आयोजित होने जा रहा है।
सत्र का पूरा शेड्यूल जारी
18वीं बिहार विधानसभा का पहला सत्र 1 दिसंबर 2025 से शुरू होगा।
पहला दिन: नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ ग्रहण
2 दिसंबर: विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव
3 दिसंबर: विधान मंडल के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक और राज्यपाल का अभिभाषण
4 दिसंबर: राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और सरकार का जवाब
5 दिसंबर: द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर चर्चा और विनियोग विधेयक की प्रस्तुति
नई व्यवस्था से उम्मीद है कि सदन की कार्यवाही अधिक पारदर्शी, त्वरित और व्यवस्थित होगी। पेपरलेस सिस्टम के लागू होने से न केवल समय और संसाधन की बचत होगी, बल्कि विधानसभा के कामकाज में आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित होगा।



