आरा (भोजपुर), Gaam Ghar : भोजपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पेशल विजलेंस यूनिट (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जन्म प्रमाणपत्र निर्गत करने के नाम पर रिश्वत लेते पंचायत सचिव को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार पंचायत सचिव की पहचान जितेंद्र प्रसाद के रूप में हुई है, जिसे आरा सदर प्रखंड कार्यालय से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब वह एक आवेदक से 10 हजार रुपये की रिश्वत ले रहा था।
हमारे व्हाट्सएप चैनल को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें जानकारी के अनुसार, जितेंद्र प्रसाद वर्तमान में पिरौटा और दौलतपुर पंचायत का प्रभार संभाल रहा था। आरोप है कि उसने एक नागरिक से जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के बदले पहले 20 हजार रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में 10 हजार रुपये में तय किया गया। परेशान होकर पीड़ित व्यक्ति ने स्पेशल विजलेंस विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
गूगल न्यूज़ पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद विजलेंस टीम ने पूरी रणनीति के तहत ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई। तय समय और स्थान पर जैसे ही पंचायत सचिव ने पीड़ित से पैसे लिए, विजलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद सदर प्रखंड कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए विजलेंस विभाग के डीएसपी चंद्र भूषण प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायतकर्ता नवीन कुमार, निवासी गोरे गांव, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा कि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पंचायत सचिव ने अवैध राशि की मांग की और उसे स्वीकार भी किया।
डीएसपी ने यह भी बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार पंचायत सचिव ने स्वीकार किया है कि इस रिश्वत राशि में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की भी भूमिका बताई जा रही है। फिलहाल इस पहलू की गहन जांच की जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद मूल रूप से शेखपुरा जिले के कुसुम्हा गांव का निवासी है। उसे हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद जिले भर के सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है और भ्रष्ट अधिकारियों में भय का माहौल देखा जा रहा है।




