पटना : बिहार में जमीन खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार जनवरी 2026 से भूमि रजिस्ट्री के लिए नए सर्किल रेट (मार्केट वैल्यू रेट—MVR) लागू करने की तैयारी में है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, नए MVR लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री मौजूदा दरों की तुलना में दो से तीन गुना तक महंगी हो सकती है।
राज्य के सभी जिलों में जमीन और फ्लैट के मूल्यांकन कार्य तेजी से चल रहा है। विशेषकर पटना नगर निगम क्षेत्र के सभी 75 वार्डों में भूमि और आवासीय फ्लैट्स के दामों की विस्तृत समीक्षा की जा रही है। नगर निकाय और ग्रामीण क्षेत्र की भूमि मूल्यांकन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच चुकी है।
2013 से नहीं बढ़ा सर्किल रेट
जिला निबंधन कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2013 के बाद से सर्किल रेट में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि इस दौरान बाजार मूल्य कई गुना बढ़ चुके हैं। ऐसे में सर्किल रेट और वास्तविक बाजार मूल्य के बीच भारी अंतर उत्पन्न हो गया है।
नए सर्किल रेट लागू होने पर खासकर पटना नगर निगम क्षेत्र की रजिस्ट्री दरों में सबसे अधिक वृद्धि होगी, क्योंकि राजधानी में भूमि की खरीद-बिक्री अन्य जिलों की तुलना में काफी अधिक होती है।
राजस्व बढ़ाने का लक्ष्य
सर्किल रेट बढ़ाने के पीछे सरकार का स्पष्ट उद्देश्य रजिस्ट्री विभाग के राजस्व को बढ़ाना है। जिन इलाकों में जमीन के बाजार मूल्य और एमवीआर में ज्यादा फासला पाया गया है, वहाँ दरों में तुलनात्मक रूप से अधिक संशोधन किया जाएगा।
इसके लिए जिला निबंधन कार्यालय की टीम वार्ड-वार सड़कों की सूची, उनके आसपास के विकास स्तर, वर्तमान बाजार दर और भवन निर्माण गतिविधियों का आकलन कर रही है। पुनरीक्षण के बाद कई नए मौजों (रेवेन्यू विलेजों) को भी सूची में जोड़ा जाएगा।
चार मानकों पर तैयार हो रहा नया सर्किल रेट
नये मूल्यांकन में सरकार चार प्रमुख आधारों का उपयोग कर रही है—
- वर्तमान बाजार दर के अनुसार भूमि का वास्तविक मूल्यांकन।
- ऐसे वार्डों में संशोधन, जहाँ बाजार मूल्य और एमवीआर के बीच अंतर अत्यधिक है।
- भूमि के वर्गीकरण को 2017 के भूमि वर्गीकरण मानकों के अनुरूप अपडेट किया जा रहा है।
- औद्योगिक क्षेत्रों के लिए अलग श्रेणी तैयार की जा रही है, ताकि वहां उपयुक्त रजिस्ट्री दरें लागू की जा सकें।
कब लागू होगा नया रेट?
सूत्रों के अनुसार, सरकार जनवरी या फरवरी 2026 में नए सर्किल रेट को लागू कर सकती है। इस संबंध में सभी जिलों से रिपोर्ट प्रतिदिन मँगाई जा रही है और अंतिम मसौदा तैयार किया जा रहा है।
नए सर्किल रेट लागू होते ही—
- जमीन की खरीद की लागत बढ़ जाएगी।
- रजिस्ट्री शुल्क, स्टांप शुल्क और अन्य शुल्क स्वतः बढ़ेंगे।
- फ्लैट खरीदने वालों को भी अधिक राशि चुकानी होगी।
रियल एस्टेट बाजार पर असर
विशेषज्ञों का कहना है कि दरों में यह वृद्धि रियल एस्टेट सेक्टर में थोड़े समय के लिए मंदी ला सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि खरीद-बिक्री पर भी इसका असर पड़ेगा।
राज्य सरकार की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जल्द जारी होने की उम्मीद है। नए सर्किल रेट के लागू होने के बाद बिहार में जमीन खरीदना और अधिक महंगा हो जाएगा।





