पटना : बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की उम्मीद को उस समय झटका लगा, जब प्रसिद्ध शिक्षक खान सर ने भोजपुर जिले के कोइलवर में प्रस्तावित मेगा यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट को फिलहाल रद्द करने की घोषणा कर दी। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर असहयोग और जमीन की कीमतों में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी के कारण उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा।
खान सर का सपना था कि कोइलवर के पास लगभग 1000 एकड़ में एक अत्याधुनिक यूनिवर्सिटी और “स्टूडेंट सिटी” विकसित की जाए। इस परियोजना के तहत एक ही कैंपस में करीब 25,000 छात्रों के रहने और पढ़ाई की सुविधा होती। इसमें आधुनिक हॉस्टल, शैक्षणिक भवन, रिसर्च सेंटर, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और एक मॉल भी शामिल था। यह पूरा कैंपस नेट-जीरो मॉडल पर आधारित होता, जिससे बिजली और अन्य सुविधाओं के लिए बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम रहती।
खान सर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का ब्लूप्रिंट पूरी तरह तैयार था और जमीन खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। उन्होंने कई जमीन मालिकों से बातचीत कर मार्केट रेट से अधिक कीमत देकर समझौता किया था और कुछ जमीन का रजिस्ट्रेशन भी पूरा हो चुका था। शुरुआती चरण में 10 से 15 एकड़ जमीन उनके नाम पर रजिस्टर्ड हो चुकी थी, जबकि बाकी जमीन का रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में था।
हालांकि, जैसे ही इलाके में यूनिवर्सिटी बनने की खबर फैली, जमीन की कीमतों में अचानक कई गुना बढ़ोतरी हो गई। खान सर के अनुसार, कुछ जमीन मालिकों ने पहले से तय कीमत पर रजिस्ट्रेशन करने से इनकार कर दिया और 8 से 10 गुना अधिक कीमत की मांग करने लगे। इससे पूरे प्रोजेक्ट की लागत और प्रक्रिया प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि बढ़ते दबाव और अनिश्चित परिस्थितियों के कारण उन्हें प्रोजेक्ट को रद्द करने का कठिन निर्णय लेना पड़ा।
उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट से पटना और आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास होता। हजारों छात्रों की मौजूदगी से रोजगार के नए अवसर पैदा होते और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती। खान सर ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल यूनिवर्सिटी बनाना नहीं, बल्कि एक ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार करना था, जो छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करे।
प्रोजेक्ट रद्द होने के बाद खान सर ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने जो जमीन खरीदी थी, उसे अब बेचने का फैसला किया है। हालांकि, उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि उनका यूनिवर्सिटी बनाने का सपना खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वे नई जगह पर इस प्रोजेक्ट को शुरू करने की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन इस बार जमीन खरीदने और प्रोजेक्ट की जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा, ताकि पहले जैसी स्थिति न बने।
खान सर का यह बयान बिहार के शिक्षा जगत और युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि फिलहाल कोइलवर में यह मेगा यूनिवर्सिटी नहीं बन पाएगी, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में किसी अन्य स्थान पर यह महत्वाकांक्षी परियोजना साकार हो सकती है, जिससे राज्य के शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।




