पटना : बिहार विधानमंडल का बजट सत्र 2 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 27 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस महत्वपूर्ण सत्र को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। शनिवार को जिलाधिकारी, पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने विधानसभा परिसर में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की विस्तृत ब्रीफिंग की।
इस दौरान उन्हें सत्र के दौरान लागू किए जाने वाले दिशा-निर्देशों, नियमों और सुरक्षा प्रोटोकॉल की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने खुद विधानमंडल परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू
जिलाधिकारी ने बताया कि बजट सत्र के दौरान विधानमंडल परिसर में त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आठ क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) तैनात रहेंगी। सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रहने और हर गतिविधि पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अनधिकृत व्यक्ति को विधानमंडल परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के प्रवेश करता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी वहां प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी की होगी।
समय पालन के सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 2 फरवरी 2026 को सुबह 9 बजे और आगे प्रतिदिन विधानमंडल की कार्यवाही शुरू होने से एक घंटे पहले अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल पर अनिवार्य रूप से पहुंच जाएं। सभी अधिकारी विधानमंडल की बैठक समाप्त होने के बाद ही अपने स्थान छोड़ेंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सचिवालय, विधानसभा और विधान परिषद क्षेत्र में बिना प्रवेश पत्र के किसी भी व्यक्ति या वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नियंत्रण कक्ष से होगा समन्वय
जिलाधिकारी ने बताया कि विधानसभा परिसर में स्थापित नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त वरीय पदाधिकारी सभी दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आदेशों का पालन सुनिश्चित कराएंगे। किसी भी तरह की समस्या या आपात स्थिति की सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष को दी जाएगी।
धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा
अनुमंडल दंडाधिकारी, पटना सदर ने जानकारी दी कि बजट सत्र की अवधि में विधानसभा परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की जाएगी। इसके तहत बिना अनुमति के किसी भी तरह के जमावड़े, प्रदर्शन या गतिविधियों पर रोक रहेगी।
इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर और पुलिस उपाधीक्षक, सचिवालय विधि-व्यवस्था के प्रभारी रहेंगे और पूरे क्षेत्र की निगरानी करेंगे।
अधिकारियों को सजग रहने का निर्देश
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने सभी दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को त्रुटिरहित और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सजग, तत्पर और प्रतिबद्ध रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विधानमंडल सत्र लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण अंग है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता यह है कि सत्र के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो और जनप्रतिनिधि सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण माहौल में अपनी भूमिका निभा सकें।
पूरी तरह अलर्ट मोड में प्रशासन
बजट सत्र के दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और आम नागरिक विधानसभा परिसर में आते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग, मेडिकल सुविधा और आपात सेवाओं को भी दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं।
कुल मिलाकर, बिहार विधानमंडल के बजट सत्र को लेकर पटना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। सख्त सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता के बीच 2 फरवरी से शुरू होने वाला यह सत्र राज्य के लिए कई अहम फैसलों का गवाह बनेगा।





