बिहार में जल्द ही नए राज्यपाल का कार्यकाल शुरू होने जा रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल Syed Ata Hasnain 14 मार्च को बिहार के राज्यपाल पद की शपथ लेंगे। उनका शपथ ग्रहण समारोह पटना स्थित बिहार लोक भवन में आयोजित किया जाएगा। उन्हें Sangam Kumar Sahu, जो Patna High Court के मुख्य न्यायाधीश हैं, पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। इस संबंध में बिहार लोक भवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को आधिकारिक जानकारी दी।
बताया जा रहा है कि नवनियुक्त राज्यपाल सैयद अता हसनैन 13 मार्च को पटना पहुंचेंगे। इसके बाद 14 मार्च को औपचारिक समारोह में वे राज्यपाल पद की शपथ लेंगे। शपथ लेने के साथ ही वे बिहार के 30वें राज्यपाल के रूप में अपना कार्यभार संभालेंगे।
लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्हें सेना में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम करने का लंबा अनुभव रहा है। उनके परिवार का भी भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा से गहरा जुड़ाव रहा है।
उनके पिता Syed Mehdi Hasnain भारतीय सेना में मेजर जनरल के पद पर कार्यरत थे और वे गढ़वाल राइफल्स से जुड़े हुए थे। उन्होंने प्रथम बटालियन के साथ द्वितीय विश्व युद्ध में भी भाग लिया था। बाद में उन्होंने गढ़वाल राइफल्स की चौथी बटालियन की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1964 से 1966 के बीच वे लैंसडौन स्थित रेजिमेंट सेंटर के कमांडेंट भी रहे।
सैयद अता हसनैन स्वयं भी भारतीय सेना की प्रतिष्ठित गढ़वाल राइफल्स से जुड़े रहे हैं। वे गढ़वाल राइफल्स और गढ़वाल स्काउट के कर्नल ऑफ द रेजिमेंट भी रह चुके हैं। इस पद पर रहते हुए उन्होंने सैन्य परंपराओं और संगठनात्मक मजबूती को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया।
उन्होंने वर्ष 1974 में Indian Military Academy से प्रशिक्षण प्राप्त कर सेना में कदम रखा। पास आउट होने के बाद उन्हें गढ़वाल राइफल्स की चौथी बटालियन में कमीशन मिला। इसके बाद उन्होंने अपने सैन्य करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
करीब चार दशक की सेवा के बाद सैयद अता हसनैन 30 जून 2013 को भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुए। अपने लंबे सैन्य अनुभव और प्रशासनिक क्षमता के कारण उन्हें अब बिहार के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मूल रूप से वे Barabanki के निवासी हैं। उनके राज्यपाल बनने से बिहार के प्रशासनिक और संवैधानिक ढांचे में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
अब 14 मार्च को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं, जहां वे आधिकारिक रूप से बिहार के 30वें राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे।





