पटना शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन का विशेष अभियान लगातार जारी है। जिलाधिकारी Dr. Thyagarajan SM के निर्देश पर मंगलवार को भी शहर के कई इलाकों में अतिक्रमण उन्मूलन अभियान चलाया गया। मार्च माह के निर्धारित कार्यक्रम के तहत यह अभियान लगातार छठे दिन भी जारी रहा, जिसमें प्रशासन, नगर निगम और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई की।’
जिला प्रशासन के अनुसार यह अभियान मल्टी-एजेंसी समन्वय के साथ चलाया जा रहा है। इसमें नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, पुल निर्माण निगम, दूरसंचार, विद्युत विभाग और वन विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। प्रशासन का उद्देश्य शहर में अवैध अतिक्रमण हटाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना है।’
जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ) को निर्देश दिया है कि वे अभियान की नियमित निगरानी करें और जहां-जहां अतिक्रमण हटाया गया है वहां दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए फॉलो-अप टीम को सक्रिय रखें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभियान में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’
मंगलवार को शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। पटना नगर निगम के नूतन राजधानी अंचल में जीपीओ से स्टेशन, चिरैयाटांड़ पुल और हिंदुस्तान प्रेस रोड तक अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान चार ठेला, तीन स्टूल और एक बेंच जब्त किए गए तथा 9 हजार रुपये जुर्माना वसूला गया।’
पाटलिपुत्र अंचल में राजा बाजार पिलर नंबर चार से आशियाना मोड़, रामनगरी मोड़ और शेखपुरा मोड़ होते हुए राजवंशी नगर मंदिर तक अभियान चलाया गया। यहां दस अवैध पोस्टर और बैनर हटाए गए तथा एक लोहे का काउंटर जब्त किया गया। इस क्षेत्र में कुल 29 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।’
इसके अलावा पटना सिटी, अजीमाबाद, कंकड़बाग और बांकीपुर अंचल में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। वहीं नगर परिषद खगौल, दानापुर निजामत और फुलवारीशरीफ क्षेत्रों में भी प्रशासनिक टीमों ने सड़क किनारे लगे अस्थायी ढांचे और अवैध पोस्टर-बैनर हटाए।
जिला नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को विभिन्न क्षेत्रों में चलाए गए अभियान के दौरान कुल 55,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया। अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने विशेष वाहन जांच अभियान भी चलाया, ताकि सड़क पर अव्यवस्था को रोका जा सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आदतन अतिक्रमण करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई व्यक्ति दोबारा अतिक्रमण करता है तो उसके खिलाफ अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के अभियान की निगरानी के लिए एक पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का भी गठन किया है, जिसमें यातायात पुलिस अधीक्षक, अपर जिला दंडाधिकारी नगर व्यवस्था, सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था के पुलिस अधीक्षक, नगर निगम के अधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट शामिल हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने साफ किया कि अतिक्रमण और यातायात नियमों के उल्लंघन के खिलाफ प्रशासन शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम कर रहा है।’





