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अमित शाह लेटी में गरजे: बंगाल मतलब भाजपा, घुसपैठियों को नहीं बर्दाश्त’

केंद्रीय गृह मंत्री ने लेटी में सीमा सुरक्षा परियोजनाओं की समीक्षा कर सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त करने का 2030 तक लक्ष्य घोषित किया, आश्वासन।

केंद्र सरकार के गृह मंत्री के बयान ने सीमा सुरक्षा और राजनीतिक उठापटक दोनों को एक साथ गरम कर दिया। शुक्रवार को अररिया ज़िले के लेटी में आयोजित समारोह में केंद्रीय नेतृत्व ने SSB की 52वीं बटालियन के BOP भवन का उद्घाटन किया और सीमाई सुरक्षाव्यवस्था की प्रगति की समीक्षा की। मौके पर उपस्थित बलों के सामने SSB की भूमिका और सीमापार से दाखिल होने वाले तत्त्वों पर नियंत्रण को लेकर सख्त रुख दिखा।

गृह मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सीमांचल में अवैध प्रवेश और अतिक्रमण से स्थानीय गरीबों के अनाज व नौकरियों पर असर पड़ता है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से इन मामलों का त्वरित निदान आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमाओं पर कड़ी निगरानी और समन्वित कार्रवाई से मसलन नेपाल की सीमा के नज़दीकी इलाकों में घुसपैठ रोकना प्राथमिकता है। कार्यक्रम के दौरान यह निर्देश भी दिए गए कि सीमा से 10 किलोमीटर के भीतर जो अवैध अतिक्रमण पाए जाएंगे, उन्हें हटाने का काम तेज़ किया जाएगा।

स्थानीय प्रशासन और केंद्र के बीच व्यापक समन्वय की भी जानकारी दी गई। गृह मंत्री के अनुसार, बिहार के जिला प्रशासन से लेकर पुलिस कप्तानों और संबंधित विभागों के साथ डिटेल मीटिंग करके एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। उन्होंने यह आश्वासन दिया कि सीमांचल को घुसपैठियों से मुक्त करने के लिए सुनिश्चित रणनीति अपनाई जाएगी और कहा गया लक्ष्य 2030 तक यह काम पूरा करने का बताया गया।

इस दौरान सीमापार के दृष्टिकोण से भी चर्चा हुई — कार्यक्रम स्थल से नज़दीक ही स्थित नेपाल सीमा और उससे जुड़े आश्रित इलाकों के संदर्भ में सुरक्षा प्रक्रिया पर बल दिया गया। राज्य सरकार के साथ समन्वय बढ़ाने, पैदल रास्तों व सीमावर्ती क्षेत्र की निगरानी मजबूत करने और SSB तथा स्थानीय पुलिस के बीच सूचना-साझा प्रणाली सुदृढ़ करने पर जोर रखा गया।

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राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट था — चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्री ने यह संकेत दिया कि बंगाल में परिवर्तन की मांग है और अगले चुनाव में इसका असर दिखाई देगा। स्थानीय राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि यह रुख किसी तरह से आगामी चुनावी रणनीतियों को प्रभावित करेगा, जिससे राज्य स्तर पर भी प्रमुख दलों की तैयारियाँ बढ़ेंगी।

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सरकार ने यह भी कहा कि अभियान का मौलिक उद्देश्य केवल निकासी नहीं, बल्कि सीमावर्ती विकास, पहचान-पत्र सत्यापन और गरीबों के लिये लक्षित योजनाओं को सुनिश्चित करना भी है ताकि निवारक और समग्र समाधान मिल सके। अधिकारियों ने कहा कि आगे के दिनों में सीमाई ढाँचे को और मजबूत करने व अवैध गतिविधियों पर सख्ती के साथ स्थानीय लोगों के हितों का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।

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