पटना : आयुक्त, पटना प्रमंडल एवं रोगी कल्याण समिति के सह-अध्यक्ष श्री अनिमेष कुमार पराशर की अध्यक्षता में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) की रोगी कल्याण समिति की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को आयुक्त कार्यालय सभाकक्ष में हुई। बैठक में पीएमसीएच के प्रबंधन, संचालन और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की गई। आयुक्त ने कहा कि सुदृढ़, विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसके लिए सभी स्टेकहोल्डर्स को सजग, तत्पर और प्रतिबद्ध रहना होगा।
आयुक्त ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री द्वारा 3 मई 2025 को पीएमसीएच पुनर्विकास परियोजना के फेज-1 के अंतर्गत 1,117 बेड वाले टावर-I और टावर-II का उद्घाटन किया गया था, जिससे मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। शेष कार्य पूर्ण होने पर पीएमसीएच 5,462 बेड के साथ देश का सबसे बड़ा और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा अस्पताल बनेगा।
बैठक में अधीक्षक ने बताया कि 1 जून 2025 से 25 जनवरी 2026 के बीच ओपीडी में 3,30,953 मरीजों को देखा गया, जबकि 36,27,477 पैथोलॉजी टेस्ट किए गए। इसी अवधि में 7,914 मेजर और 24,331 माइनर ऑपरेशन, 85,493 इमरजेंसी मरीजों का इलाज, 7,106 एमआरआई, 15,609 सीटी स्कैन और 4,815 डायलिसिस सेवाएं दी गईं। आयुक्त ने इन आंकड़ों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अस्पताल प्रशासन को आगे भी मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
आयुक्त ने कहा कि पीएमसीएच में रोजाना 15 हजार से अधिक पैथोलॉजी जांच हो रही है और 22 विभागों की ओपीडी संचालित की जा रही है। उन्होंने निर्माण कार्य और इलाज दोनों एक साथ चलने के दौरान मरीजों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए अधीक्षक को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया।
उन्होंने अस्पताल परिसर और आसपास के मार्गों को अतिक्रमणमुक्त रखने, पार्किंग व्यवस्था बेहतर करने और एम्बुलेंस व मरीजों के लिए सुगम आवागमन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बीएमएसआईसीएल को दवाओं और जरूरी उपकरणों की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने तथा दवा सप्लाई चेन में कोई बाधा न आने देने का निर्देश दिया।
नगर निगम को अस्पताल परिसर में नियमित सफाई अभियान चलाने और जैव चिकित्सा अपशिष्ट के वैज्ञानिक निष्पादन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी आदेश दिया गया। आयुक्त ने कहा कि मरीजों की अधिकतम संतुष्टि और मरीज-केंद्रित सेवा ही सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।
बैठक में अधीक्षक डॉ. आईएस ठाकुर, अपर नगर आयुक्त, क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, बीएमएसआईसीएल के अधिकारी, आईएमए प्रतिनिधि तथा रोगी कल्याण समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।




