पटना। बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित बदसलूकी की घटना के बाद अब पीड़िता की तस्वीर को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सोशल मीडिया हैंडल से पीड़िता और उसके परिवार के साथ तस्वीर साझा किए जाने का दावा सामने आने के बाद विपक्ष ने सवाल उठाए हैं।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने 24 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के आधिकारिक हैंडल से नाबालिग पीड़िता की तस्वीर साझा कर उसकी पहचान उजागर की गई। उन्होंने POCSO कानून का हवाला देते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की।
राजद सांसद मीसा भारती ने भी तस्वीर को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में पूछा कि क्या तस्वीर में दिखाई दे रही बच्ची जमुई मामले की पीड़िता है। मीसा भारती ने बिहार पुलिस से मुख्यमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
POCSO कानून का दिया हवाला
तेजस्वी यादव ने अपने आरोप के समर्थन में POCSO Act की धारा 23 का उल्लेख किया। उनका कहना है कि नाबालिग पीड़ित की पहचान उजागर करने वाली सामग्री साझा नहीं की जानी चाहिए। यह आरोप फिलहाल विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं और संबंधित मामले में कानूनी कार्रवाई का निर्णय सक्षम जांच एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र में है।
जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई
जमुई में 19 सितंबर को कोचिंग से लौट रहे एक नाबालिग लड़के और लड़की के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। जमुई पुलिस के अनुसार, मामले में BNS और POCSO Act की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया गया है।
पीड़िता की पहचान से जुड़े वीडियो और सामग्री के प्रसार को लेकर भी पुलिस ने कार्रवाई की है। रिपोर्टों के अनुसार, सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ प्राथमिकी और नोटिस की कार्रवाई की गई है तथा लोगों से ऐसी सामग्री साझा नहीं करने की अपील की गई है।
मुख्यमंत्री से मिला था पीड़िता का परिवार
रिपोर्टों के अनुसार, पीड़िता के परिवार ने 24 सितंबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद परिवार ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
तस्वीर को लेकर सामने आए आरोपों के बाद अब यह मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। विपक्ष ने जहां मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल को लेकर कार्रवाई की मांग की है, वहीं पूरे मामले में संबंधित पोस्ट और उसकी परिस्थितियों की आधिकारिक जांच से ही तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।





