
समस्तीपुर। जिले में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया के तहत शिक्षा विभाग ने 1668 शिक्षकों का अंतिम स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया है। स्थानांतरित शिक्षक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपने लॉगइन के माध्यम से स्थानांतरण आदेश और आवंटित नए विद्यालय की जानकारी देख सकते हैं। विभाग ने सभी स्थानांतरित शिक्षकों को 30 सितंबर 2026 तक नए विद्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद गुप्ता के अनुसार, जिले में कुल 1668 शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें 1234 शिक्षकों का समानुपातिक स्थानांतरण तथा 434 शिक्षकों का म्युचुअल यानी पारस्परिक स्थानांतरण शामिल है। स्थानांतरण की प्रक्रिया बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 के प्रावधानों के तहत प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों के आधार पर पूरी की गई है।
2546 शिक्षकों ने किया था आवेदन
स्थानांतरण के लिए जिले के कुल 2546 सरप्लस शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन दिए गए विद्यालय विकल्प और उनके मेधा अंक के आधार पर प्राथमिकता तय करते हुए विद्यालयों का आवंटन किया गया।
इन आवेदनों में से 1668 शिक्षकों को इस चरण में विद्यालय आवंटित कर दिया गया है। वहीं 878 शिक्षकों को प्रथम चरण में विद्यालय आवंटित नहीं हो सका। ऐसे शिक्षकों को आगे की प्रक्रिया को लेकर विभागीय निर्देश का इंतजार करना होगा।
30 सितंबर तक योगदान अनिवार्य
स्थानांतरित शिक्षकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने नए पदस्थापन वाले विद्यालय में योगदान करना होगा। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सभी संबंधित शिक्षक 30 सितंबर तक हर हाल में योगदान सुनिश्चित करें।
स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद संबंधित शिक्षकों ने नए विद्यालय में योगदान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षकों को अपने नए विद्यालय, पदस्थापन और स्थानांतरण से संबंधित विवरण की जानकारी ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से प्राप्त करने की सुविधा दी गई है।
पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं आदेश
शिक्षा विभाग के अनुसार, संबंधित शिक्षक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपने लॉगइन के जरिए स्थानांतरण आदेश डाउनलोड कर सकते हैं। आदेश में दिए गए नए विद्यालय और पदस्थापन संबंधी विवरण के अनुसार उन्हें निर्धारित समय सीमा में योगदान करना होगा।
विभाग ने शिक्षकों से स्थानांतरण आदेश और नए विद्यालय से संबंधित जानकारी समय पर देखने तथा निर्धारित तिथि के भीतर योगदान की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।




