सासाराम (रोहतास)। लोगों की बात ध्यान से सुनना, उनकी समस्याओं को लिखित रूप में देने के लिए कहना और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाना—सासाराम की नई अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) प्रिया रानी के काम करने का यह अंदाज इन दिनों चर्चा में है। सोशल मीडिया पर सामने आए उनके कुछ वीडियो में वह लोगों की समस्याएं शांतिपूर्वक सुनती और उन्हें भरोसा दिलाती नजर आ रही हैं। उनके इसी व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया पर लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
प्रिया रानी ने 22 अगस्त 2026 को सासाराम की SDM के रूप में अपनी पहली स्वतंत्र पोस्टिंग का कार्यभार संभाला। इससे पहले वह प्रशासनिक प्रशिक्षण और अपनी सेवा से जुड़े दायित्वों में कार्यरत रही हैं।
किसान परिवार से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक का सफर
प्रिया रानी मूल रूप से पटना के फुलवारी शरीफ क्षेत्र के कुरकुरी गांव की रहने वाली हैं। उनका परिवार किसान पृष्ठभूमि से जुड़ा है। उन्होंने रांची के बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT Mesra) से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में B.Tech की पढ़ाई की।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें बेंगलुरु की एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी मिली। हालांकि, सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य होने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू कर दी और दिल्ली चली गईं।
पहली कोशिश में AIR 284, फिर नहीं मानी हार
प्रिया रानी ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2021 में पहली सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 284 प्राप्त की। इसके आधार पर उनका चयन इंडियन डिफेंस एस्टेट्स सर्विस (IDES) के लिए हुआ। लेकिन उनका लक्ष्य IAS बनना था, इसलिए उन्होंने तैयारी जारी रखी।
इसके बाद UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2023 में उन्होंने अपनी रैंक में बड़ा सुधार करते हुए ऑल इंडिया रैंक 69 हासिल की। इस सफलता के बाद उन्हें बिहार कैडर मिला और वह 2024 बैच की IAS अधिकारी बनीं।
सासाराम में पहली स्वतंत्र जिम्मेदारी
IAS प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रिया रानी को सासाराम में अनुमंडल पदाधिकारी की जिम्मेदारी मिली। पदभार संभालने के बाद उन्होंने प्रशासनिक कामकाज में लोगों की समस्याओं को सुनने और उन्हें उचित प्रक्रिया के माध्यम से समाधान तक पहुंचाने पर जोर दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, पारदर्शी प्रशासन, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को उनकी प्राथमिकताओं में शामिल बताया गया है। पदभार संभालने के बाद उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण भी किया और छात्राओं तथा विद्यालय कर्मियों से बातचीत की।
लोगों से सीधे संवाद पर जोर
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में प्रिया रानी लोगों की समस्याएं सुनते हुए दिखाई देती हैं। वह लोगों से अपनी समस्या लिखित रूप में देने को कहती हैं और नियमानुसार सुनवाई तथा कार्रवाई का भरोसा देती नजर आती हैं।
प्रशासनिक पद पर नई जिम्मेदारी संभालने के साथ ही उनका लोगों से सीधे संवाद करने का यह तरीका स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना है। हालांकि सोशल मीडिया पर किसी अधिकारी के काम करने के तरीके को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं, लेकिन प्रिया रानी की UPSC यात्रा और उनकी नई प्रशासनिक जिम्मेदारी ने उन्हें बिहार में खास तौर पर चर्चा में ला दिया है।
एक इंजीनियरिंग स्नातक से कॉरपोरेट नौकरी, फिर UPSC में दो बार सफलता और अंततः बिहार कैडर की IAS अधिकारी बनने तक का उनका सफर सिविल सेवा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए खासा रुचिकर रहा है। अब सासाराम में उनकी पहली स्वतंत्र प्रशासनिक जिम्मेदारी पर लोगों की नजर है।




