पूर्णिया : शहर में मोबाइल छिनतई और चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस द्वारा “मुस्कान योजना” के तहत कई लोगों को उनके खोए मोबाइल लौटाए जाने से लोगों के चेहरे पर खुशी जरूर लौटी है, लेकिन महंगे मोबाइल फोन की बरामदगी अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। पिछले दो से तीन वर्षों में शहर के विभिन्न थानों में एक लाख रुपये से अधिक कीमत वाले कई मोबाइल चोरी और छिनतई के मामले दर्ज हुए हैं, जिनका अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।’
जानकारी के अनुसार, पूर्णिया पुलिस ने मुस्कान योजना के तहत अब तक करीब 600 से अधिक मोबाइल बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे हैं। इससे कई पीड़ितों को राहत मिली है, लेकिन इनमें से अधिकतर मोबाइल सामान्य कीमत के थे। महंगे स्मार्टफोन, जिनकी कीमत एक लाख रुपये या उससे अधिक थी, अब भी बरामद नहीं हो सके हैं। ऐसे मामलों के पीड़ित आज भी अपने मोबाइल की तलाश में थानों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
अधिकारियों ने बताया कि चोरी या छिनतई के सभी मोबाइल का विवरण केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल पर अपलोड किया गया है। इस पोर्टल की मदद से जैसे ही चोरी हुआ मोबाइल किसी नेटवर्क पर सक्रिय होता है, उसकी पहचान कर उसे ट्रैक किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी निगरानी जारी है और मोबाइल के एक्टिव होते ही कार्रवाई की जाएगी।
शहर के विभिन्न थानों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक मामले सदर थाना और सहायक थाना क्षेत्र में दर्ज हैं। इसके अलावा के. हाट थाना और मधुबनी थाना क्षेत्र में भी मोबाइल छिनतई और चोरी के कई मामले लंबित हैं। इन मामलों में खासकर महंगे मोबाइल की बरामदगी नहीं होने से पीड़ितों में निराशा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को महंगे मोबाइल मामलों में और अधिक गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए, क्योंकि इन मोबाइल की कीमत काफी अधिक होती है और यह आम लोगों के लिए बड़ी आर्थिक क्षति होती है। वहीं पुलिस का कहना है कि तकनीकी माध्यमों से लगातार निगरानी की जा रही है और उम्मीद है कि भविष्य में इन मोबाइल की बरामदगी संभव हो सकेगी।
मुस्कान योजना से जहां कई लोगों को राहत मिली है, वहीं महंगे मोबाइल की बरामदगी नहीं होने से यह सवाल भी उठ रहा है कि तकनीकी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि सभी पीड़ितों को समान रूप से न्याय मिल सके।




