CSE ग्रीन स्कूल अवॉर्ड्स 2025–26: देश के 433 स्कूल बने सबसे ग्रीन
CSE के ग्रीन स्कूल अवॉर्ड्स 2025–26: देश के 433 सबसे ‘ग्रीन’ स्कूल सम्मानित

नई दिल्ली : सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) ने आज देशभर के 433 स्कूलों को ग्रीन स्कूल अवॉर्ड्स 2025–26 (CSE’s Green School Awards 2025-26) से सम्मानित किया। ये स्कूल अपने परिसरों में पर्यावरणीय सततता, संसाधन संरक्षण और हरित प्रथाओं को अपनाने के लिए देश के सबसे ‘ग्रीन’ संस्थान घोषित किए गए हैं।
यह सम्मान CSE के ग्रीन स्कूल्स प्रोग्राम (GSP) के तहत दिया जाता है, जो पिछले 21 वर्षों से छात्रों को अपने ही स्कूल का पर्यावरण ऑडिट करने के लिए प्रेरित करता रहा है। इसके तहत छात्र हवा, पानी, ऊर्जा, भोजन, भूमि और कचरे जैसे छह क्षेत्रों में अपने स्कूल की स्थिति का मूल्यांकन करते हैं और सुधार के उपाय अपनाते हैं।
7,407 स्कूलों ने लिया भाग
GSP ऑडिट 2025–26 में देश के 28 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 7,407 स्कूलों ने भाग लिया। इनमें से 6 प्रतिशत स्कूलों को ‘ग्रीन’ रेटिंग मिली, जो पिछले वर्ष के 4 प्रतिशत से अधिक है। यह दर्शाता है कि देश के स्कूलों में पर्यावरणीय सोच लगातार मजबूत हो रही है।
CSE की महानिदेशक सुनीता नारायण ने कहा,
“GSP छात्रों को अपनी पर्यावरणीय जिम्मेदारी समझने और बदलाव लाने का मौका देता है। यह बदलाव अब दिखने लगा है और इसे मनाया जाना चाहिए।”
ग्रामीण और सरकारी स्कूल आगे
ऑडिट में शामिल 86 प्रतिशत स्कूल सरकारी थे, जबकि 12 प्रतिशत निजी और 1 प्रतिशत सहायता प्राप्त स्कूल थे। 81 प्रतिशत से अधिक स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों से थे, जो बताता है कि पर्यावरणीय जागरूकता गांवों तक भी पहुंच रही है।
पंजाब बना बेस्ट ग्रीन स्टेट
पंजाब ने इस वर्ष बेस्ट ग्रीन स्टेट अवॉर्ड जीता। राज्य से 6,264 स्कूलों ने ऑडिट रिपोर्ट जमा की, जिनमें से 237 को ग्रीन रेटिंग मिली। पंजाब के होशियारपुर जिले को बेस्ट डिस्ट्रिक्ट अवॉर्ड मिला, जहां से 947 स्कूलों ने रिपोर्ट दी।
चैंजमेकर और स्टर्लिंग स्कूल अवॉर्ड
चेंजमेकर अवॉर्ड उन स्कूलों को मिला जिन्होंने एक साल में अपनी रेटिंग सुधारकर ग्रीन कैटेगरी में जगह बनाई।
- सेकेंडरी: विद्या प्रतिष्ठान न्यू इंग्लिश मीडियम स्कूल, पुणे
- प्राइमरी: सत्य भारती स्कूल, लुधियाना (पंजाब)
स्टर्लिंग स्कूल अवॉर्ड उन स्कूलों को मिला जो लगातार 10 वर्षों से ग्रीन बने हुए हैं, जिनमें नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, जयपुर और सोनीपत के स्कूल शामिल हैं।
सेक्शन बेस्ट अवॉर्ड
- एयर एक्शन: केन्द्रीय विद्यालय झुंझुनूं, राजस्थान
- एनर्जी मैनेजर: केन्द्रीय विद्यालय नरेला, दिल्ली
- लैंड मैनेजर: द मैन स्कूल, दिल्ली
- वाटर वाइज: सेंट थोम अकादमी, मध्यप्रदेश
- वेस्ट वॉरियर: ब्लूबेल्स इंटरनेशनल स्कूल, दिल्ली
ग्रीन स्कूल क्या होता है?
GSP के अनुसार, एक ग्रीन स्कूल वह है जो:
- टिकाऊ परिवहन अपनाता है
- ऊर्जा दक्ष होता है
- वर्षा जल संचयन करता है
- कचरे का पृथक्करण और कंपोस्टिंग करता है
- स्थानीय पौधों को बढ़ावा देता है
- स्वस्थ भोजन को प्राथमिकता देता है
- कक्षाओं में उचित वेंटिलेशन सुनिश्चित करता है
CSE के वरिष्ठ निदेशक सौपर्णो बनर्जी ने कहा,
“ग्रीन स्कूल केवल पर्यावरण नहीं बचाता, बल्कि छात्रों को जीवनभर के लिए जिम्मेदार नागरिक बनाता है।”
भविष्य की ओर कदम
कार्यक्रम प्रबंधक तुषिता रावत के अनुसार, स्कूल अब कम संसाधन में बेहतर प्रबंधन कर रहे हैं। यह बदलाव आने वाली पीढ़ी को प्रकृति के साथ संतुलन में जीना सिखा रहा है।
कुल मिलाकर, CSE का ग्रीन स्कूल्स प्रोग्राम देश में पर्यावरणीय शिक्षा को मजबूत कर रहा है और भारत को एक सतत भविष्य की ओर ले जा रहा है।





