जनवरी 2026 से दवाओं के विज्ञापन नियम बदले, Google ने पब्लिशर्स को…
जनवरी 2026 से बदलेंगे दवाओं से जुड़े विज्ञापन नियम, Google ने AdSense पब्लिशर्स को दी जानकारी

नई दिल्ली। गूगल (Google) ने अपने AdSense पब्लिशर्स को सूचित किया है कि जनवरी 2026 से दवाओं और औषधीय सेवाओं से जुड़े विज्ञापनों की नीति में बदलाव किया जाएगा। यह बदलाव विशेष रूप से गूगल के “Authorized Buyers” प्लेटफॉर्म पर लागू होगा। इसके तहत अब कुछ देशों में कानूनी दायरे में रहते हुए प्रिस्क्रिप्शन दवाओं और उनसे जुड़ी सेवाओं का प्रचार किया जा सकेगा।
गूगल के अनुसार नई नीति का नाम अब “Pharmaceutical Products and Services Policy” होगा। इसका उद्देश्य दवाओं से जुड़े विज्ञापनों को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और कानूनसम्मत बनाना है। हालांकि, सभी देशों में समान नियम लागू नहीं होंगे और स्थानीय कानूनों के अनुसार सीमाएं तय की गई हैं।
नई नीति के तहत कई प्रकार के विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इनमें चमत्कारी इलाज का दावा करने वाले उत्पाद, अवैध या बिना मंजूरी वाली दवाएं, नशीले पदार्थ, नशा मुक्ति केंद्रों की सेवाएं, स्टेम सेल थेरेपी, जीन थेरेपी और अन्य प्रयोगात्मक चिकित्सा सेवाएं शामिल हैं। गूगल का कहना है कि ऐसे विज्ञापन आम लोगों को भ्रमित कर सकते हैं और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
वहीं, कुछ श्रेणियों के विज्ञापन सीमित शर्तों के साथ स्वीकार किए जाएंगे। बिना डॉक्टर की पर्ची मिलने वाली ओटीसी दवाओं के विज्ञापन कई देशों में मान्य होंगे, लेकिन चीन, रूस और ब्राज़ील में इन्हें अनुमति नहीं दी जाएगी। दक्षिण कोरिया में ओटीसी विज्ञापनों के लिए सरकारी अनुमोदन संख्या अनिवार्य होगी।
प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के नाम का प्रचार अमेरिका, कनाडा और न्यूजीलैंड में किया जा सकेगा, जबकि अन्य देशों में इन्हें केवल जानकारी के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा सकेगा, प्रचार के लिए नहीं।
गूगल ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल Authorized Buyers नीति पर लागू होगा और इससे सामान्य Google Ads या अन्य हेल्थ पॉलिसियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
गूगल का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को गलत और भ्रामक मेडिकल विज्ञापनों से बचाना और विश्वसनीय व कानूनी विज्ञापनों को बढ़ावा देना है।



