छपरा : बिहार के सारण जिले में एक वायरल वीडियो के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए नगर थाना में तैनात दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वायरल वीडियो में एक महिला सिपाही को कथित रूप से एक प्रेमी जोड़े से पैसे के लेन-देन की बातचीत करते देखा गया, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया। पुलिस ने इसे प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की है।
वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार 17 फरवरी की रात करीब 9:45 बजे नगर थाना के सरकारी मोबाइल पर एक वीडियो प्राप्त हुआ। वीडियो में नगर थाना की आपात सेवा वाहन पर प्रतिनियुक्त महिला सिपाही 722 इंदु कुमारी एक व्यक्ति से कथित तौर पर पैसों के लेन-देन को लेकर बातचीत करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया।
हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इसके वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे। लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं, जिससे विभाग की छवि प्रभावित होती नजर आई।
दो माह पुराना बताया जा रहा वीडियो
स्थानीय लोगों के मुताबिक यह घटना गंडक कॉलोनी इलाके की है, जहां सरकारी आवास स्थित हैं और इलाका अपेक्षाकृत सुनसान रहता है। बताया जाता है कि यहां अक्सर प्रेमी युगल आकर बैठते हैं। आरोप है कि इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने एक जोड़े को पकड़ लिया और छोड़ने के एवज में पैसे की मांग की गई।
पूछताछ में महिला सिपाही इंदु कुमारी ने बताया कि वायरल वीडियो करीब दो माह पुराना है। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय ड्यूटी पर सहायक अवर निरीक्षक जगदीश शर्मा और चालक सिपाही उमेश सिंह भी मौजूद थे।
तत्काल निलंबन की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सहायक अवर निरीक्षक जगदीश शर्मा और महिला सिपाही इंदु कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान दोनों को सामान्य जीवन-यापन भत्ता दिया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में विस्तृत विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई
सारण पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कर्मियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनता के विश्वास पर जोर
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जनता का विश्वास कायम रखना भी उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे मामलों से पुलिस की छवि धूमिल होती है, इसलिए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं।
वायरल वीडियो के बाद की गई यह कार्रवाई पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन और जवाबदेही बनाए रखने की दिशा में अहम मानी जा रही है। अब सभी की नजर विभागीय जांच की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।





