तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को 100 दिन दिए, वादे नहीं पूरे तो आंदोलन’
तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को दी 100 दिन की मोहलत, कहा — वादे पूरे नहीं हुए तो होगा जन आंदोलन
पटना : नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव करीब डेढ़ महीने के लंबे अंतराल के बाद रविवार को पटना लौटे। विदेश यात्रा से लौटने के बाद उन्होंने पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में नीतीश सरकार को 100 दिनों की मोहलत देते हुए कहा कि सरकार अपने चुनावी वादों को जमीन पर उतारे, वरना जनता के बीच जवाब देना पड़ेगा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि हम सकारात्मक राजनीति में विश्वास रखते हैं, इसलिए सरकार को 100 दिनों का समय दे रहे हैं। उन्होंने मांग की कि महिलाओं के खाते में दो लाख रुपये की सहायता दी जाए, राज्य में बढ़ते अपराध पर नियंत्रण किया जाए और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनावी घोषणापत्र में जो भी वादे किए थे, अब उन्हें अमल में लाना उसकी जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, “हम देखेंगे कि कब हमारी माताओं-बहनों को दो-दो लाख रुपये मिलते हैं, कब एक करोड़ युवाओं को नौकरी मिलती है और कब हर जिले में चार-पांच कारखाने लगते हैं। ये सब बातें सिर्फ कागजों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए।”
तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार विधानसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र को धनतंत्र और मशीन तंत्र में बदल दिया गया है। उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश के साथ छल-कपट हुआ है और पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे 100 दिनों तक सरकार की नीतियों और फैसलों पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं करेंगे और सरकार को काम करने का मौका देंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर सरकार इस अवधि में जनता की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती है तो वे जन आंदोलन के रास्ते पर जाने से पीछे नहीं हटेंगे।
गौरतलब है कि तेजस्वी यादव हाल ही में सपरिवार विदेश यात्रा पर गए थे और 2 दिसंबर को दिल्ली लौटे थे। इसके बाद वे उत्तराखंड में एक शादी समारोह में शामिल हुए और रविवार को पटना पहुंचे। उनकी लंबी अनुपस्थिति को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है।
वहीं राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव भी हाल ही में दिल्ली से पटना लौटे हैं। उनके साथ उनकी बेटी मीसा भारती भी थीं। दिल्ली में भूमि के बदले नौकरी मामले में तेजस्वी और तेज प्रताप यादव दोनों अदालत में पेश हुए थे, जहां दोनों का आमना-सामना हुआ था।
राजनीतिक हलकों में तेजस्वी के इस बयान को आने वाले समय में सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि नीतीश सरकार अगले 100 दिनों में अपने वादों को कितना पूरा कर पाती है।
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