समस्तीपुर से शिक्षा विभाग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय (सीटीई), समस्तीपुर के प्रभारी प्राचार्य डॉ. पवन कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई शिक्षा विभाग के सचिव सह राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक के निर्देश पर की गई है।
जानकारी के अनुसार, कॉलेज में एक कर्मी के साथ कथित मारपीट के मामले में मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य स्तर से दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया, जिसने 18 जनवरी को महाविद्यालय का निरीक्षण किया। जांच के बाद संयुक्त निदेशक (प्रशासन) की ओर से स्पष्टीकरण भी मांगा गया था।
जांच टीम में उप निदेशक सुभाष कुमार गुप्ता और सहायक निदेशक सूरज कुमार झा शामिल थे। टीम ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया कि घटना के बाद से प्रभारी प्राचार्य लगातार अनुपस्थित पाए गए। मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। इस कारण घटना के संबंध में उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।
हालांकि, व्याख्याताओं और कर्मियों से प्राप्त जानकारी तथा जांच के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि प्राचार्य की गतिविधियां विभागीय नियमों के प्रतिकूल थीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि शैक्षणिक परिसर में किया गया व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है।
इसके अतिरिक्त, महाविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था भी सवालों के घेरे में पाई गई। निरीक्षण के दौरान शौचालयों की स्थिति अत्यंत दयनीय बताई गई। कई स्थानों पर पानी भरा रहने और उपयोग के योग्य न होने की बात सामने आई। इसे प्रशासनिक उदासीनता और कर्तव्यहीनता का उदाहरण माना गया है।
कार्रवाई के तहत व्याख्याता डॉ. अंजलि कुमारी को अतिरिक्त वित्तीय अधिकारों के साथ प्रभारी प्राचार्य का दायित्व सौंपा गया है, ताकि महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
फिलहाल विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। इस घटना के बाद शिक्षा महकमे में भी चर्चा तेज हो गई है।




