पटना : बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) पद को लेकर स्थिति लगभग स्पष्ट हो गई है। एनडीए ने इस प्रतिष्ठित पद के लिए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक डॉ. प्रेम कुमार को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। सोमवार को उन्होंने विधानसभा परिसर में औपचारिक रूप से नामांकन दाखिल कर दिया, जिसके बाद उनके निर्विरोध स्पीकर चुने जाने की संभावना बेहद मजबूत मानी जा रही है।
लगातार नौ बार विधायक रहने का रिकॉर्ड
गया टाउन सीट से निरंतर नौ बार चुनाव जीतकर प्रेम कुमार ने बिहार राजनीति में एक अद्वितीय पहचान बनाई है। 1990 में पहली बार विधायक बनने के बाद से अब तक उन्होंने कभी चुनाव नहीं हारा। 2025 के विधानसभा चुनाव में भी उनकी जीत ने उन्हें राज्य के सबसे अनुभवशील और भरोसेमंद जनप्रतिनिधियों की श्रेणी में सबसे ऊपर स्थापित किया है।
उनका यह लगातार नौवीं बार विधानसभा का सदस्य बनना बिहार विधानसभा इतिहास में भी एक उल्लेखनीय रिकॉर्ड माना जा रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी स्थायी जनस्वीकृति बहुत कम विधायकों को मिलती है।
कई महत्वपूर्ण विभागों का सफल संचालन
69 वर्षीय डॉ. प्रेम कुमार न केवल एक अनुभवी विधायक हैं बल्कि प्रबंधन क्षमता, शांत नेतृत्व शैली और प्रशासनिक समझ के लिए भी जाने जाते हैं। अपने लंबे राजनीतिक करियर में उन्होंने बिहार सरकार में कई अहम मंत्रालय संभाले हैं —
कृषि विभाग, पशुपालन, पर्यटन, सहकारिता, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण एवं वन, स्वास्थ्य इंजीनियरिंग
इन विभागों में उनके कार्यकाल को प्रभावी, सरल प्रशासन और योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए जाना जाता रहा है। 2015 के चुनाव के बाद वे बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे, जिसने उनकी राजनीतिक समझ, रणनीति और संवाद क्षमता को और मजबूती दी।
एनडीए में उत्साह, विपक्ष शांत
एनडीए के नेताओं का कहना है कि विधानसभा स्पीकर जैसे संवैधानिक पद के लिए प्रेम कुमार सबसे उपयुक्त और अनुभवी विकल्प हैं। उनका शांत स्वभाव, सदन संचालन की क्षमता और सभी दलों में स्वीकार्यता जैसे गुण इस निर्णय को और मजबूत बनाते हैं।
वहीं विपक्षी दलों ने अब तक कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा है। ऐसे में प्रेम कुमार का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। विधानसभा सचिवालय में भी इसी के अनुरूप तैयारियाँ की जा रही हैं।
क्या है आगे की प्रक्रिया?
अब नामांकन के बाद scrutiny और घोषणा की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यदि विपक्ष की ओर से कोई अन्य उम्मीदवार नहीं आता, तो प्रेम कुमार को निर्विरोध स्पीकर घोषित कर दिया जाएगा। नए स्पीकर का चुनाव अगले विधानसभा सत्र की शुरुआत में औपचारिक रूप से किया जाएगा।
बिहार की राजनीति में अनुभव और स्थिरता का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रेम कुमार अब राज्य विधानसभा के संचालन का सबसे बड़ा दायित्व संभालने की ओर बढ़ रहे हैं। उनकी नियुक्ति से उम्मीद है कि सदन में अनुशासन, संतुलन और पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी।





