संसद का शीतकालीन सत्र आज से, राज्यसभा में नए सदस्य शपथ लेंगे

नई दिल्ली : संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है, और पहले ही दिन उच्च सदन में कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएँ आयोजित की जाएंगी। राज्यसभा में आज नए सदस्यों का शपथ ग्रहण होगा, जिसके साथ ही सत्र की औपचारिक शुरुआत मानी जाएगी। नए सदस्यों के शामिल होने से सदन की कार्यवाही में नई ऊर्जा और विविधता आने की उम्मीद है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव आज राज्यसभा में एक अहम संकल्प भी पेश करेंगे। यह संकल्प जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) संशोधन अधिनियम, 2024 को मणिपुर में अपनाए जाने से संबंधित है। यह अधिनियम जल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए मौजूदा कानूनों में सुधार करता है और राज्यों को बेहतर नीति व क्रियान्वयन का अधिकार प्रदान करता है।
संकल्प के माध्यम से मणिपुर में इस अधिनियम को लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे राज्य में प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्थाएं अधिक मजबूत होने की संभावना है। पर्यावरण मंत्रालय का कहना है कि संशोधन के लागू होने से मणिपुर जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में जल संरक्षण व प्रदूषण रोकथाम को नई दिशा मिलेगी।
शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही सरकार और विपक्ष की रणनीतियों पर भी सभी की नजरें टिकी हैं। विपक्ष कई महत्वपूर्ण मुद्दों—जैसे महँगाई, रोजगार, राज्यों को वित्तीय सहायता और हालिया नीतिगत फैसलों—पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार इस सत्र को विधायी कार्यों और लंबित बिलों के निपटारे के लिए उपयोग करना चाहती है।
सदन के भीतर नए सदस्यों का शामिल होना और महत्त्वपूर्ण पर्यावरण संशोधन अधिनियम पर चर्चा, दोनों ही आज के सत्र को विशेष बनाते हैं। संसद परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं की पूरी तैयारी कर ली गई है।
सत्र के आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होगा कि किन विधेयकों को प्राथमिकता दी जाएगी और सरकार कितनी सुचारू रूप से अपने एजेंडे को आगे बढ़ा पाती है।




