पटना में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था नयी दिशा परिवार की ओर से हिंदी साहित्य सम्मेलन परिसर में कर्मयोगी महिला सम्मान सह सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित करना और महिला सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाना था।
इस अवसर पर पटना की महापौर सीता साहू, उप महापौर रेशमी चंद्रवंशी, पटना सिटी न्यायालय की अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनुपमा त्रिपाठी, डॉ. किरण शरण, रीता रस्तोगी, पिंकी यादव, अंजलि राय, करुणा राय, कवयित्री डॉ. मीना कुमारी परिहार ‘मान्या’, मीरा श्रीवास्तव, अवंतिका सिन्हा सहित कई महिलाओं को ‘कर्मयोगी महिला सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि न्यायिक पदाधिकारी अनुपमा त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के संतुलित विकास के लिए स्त्री और पुरुष दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ पुरुषों को कमजोर करना नहीं बल्कि आपसी सम्मान और सहयोग से समाज को बेहतर बनाना है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने कहा कि प्राचीन काल में महिलाओं को समाज में अत्यंत सम्मान प्राप्त था और वे ज्ञान-विज्ञान तथा शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाती थीं। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में महिलाएं फिर से सशक्त होकर समाज में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं।
कार्यक्रम में संस्था के संरक्षक राजेश वल्लभ, कमल नयन श्रीवास्तव, अधिवक्ता नवीन सिन्हा और पत्रकार प्रेम कुमार ने भी महिला सशक्तिकरण के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी दर्शकों का खूब मन मोह लिया। कुमार पंकज सिन्हा और राजा बाबू के गायन के साथ-साथ लक्ष्मी कुमारी, प्रियांशी और अदिति मौर्या के नृत्य प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में ऋतुराज राजेश, सपना रानी, पनकी शर्मा, जूली कुमारी, अनामिका, मोहित कुमार, सूरज कुमार, कौशल राज, उज्ज्वल राज, युवराज और नैतिक सहित कई लोगों ने सहयोग दिया।
यह आयोजन महिलाओं के योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ समाज में समानता और प्रेरणा का संदेश भी देता नजर आया।





