- नेपाल के बारा जिले का रहने वाला है आरोपी
- जाली भारतीय मुद्रा नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया गया
- ट्रांजिट रिमांड के बाद आगे होगी कानूनी कार्रवाई
समस्तीपुर पुलिस ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के वांछित दो लाख रुपये के ईनामी आरोपी नूर मोहम्मद को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी पड़ोसी देश नेपाल के बारा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है और वह जाली भारतीय मुद्रा नोट (एफआईसीएन) नेटवर्क का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि स्थानीय आसूचना इकाई और सीआईडी पटना के डीआईजी जयंत कांत से प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। सूचना मिली थी कि एनआईए के एक मामले में वांछित नूर मोहम्मद समस्तीपुर जिले के पटोरी थाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त है।
पटोरी स्टेशन के पास दबोचा गया आरोपी
सूचना के सत्यापन के बाद एसपी के निर्देश पर पटोरी थाना पुलिस को सक्रिय किया गया। पुलिस टीम ने लगातार निगरानी रखते हुए शनिवार को पटोरी स्टेशन के समीप से आरोपी को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे गहन पूछताछ शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने तत्काल इसकी सूचना एनआईए को दे दी है। एनआईए की टीम द्वारा सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है, जिसके बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर संबंधित न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
एफआईसीएन नेटवर्क के खिलाफ अभियान जारी
उल्लेखनीय है कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र लंबे समय से जाली नोट गिरोह की गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। बिहार पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं।
इससे पहले भी एनआईए द्वारा घोषित दो लाख के ईनामी सुधीर कुशवाहा और एक लाख के ईनामी मो. गुलटेन अंसारी की गिरफ्तारी हो चुकी है। नूर मोहम्मद की गिरफ्तारी को इसी कड़ी में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
एसपी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जिले में उसके स्थानीय संपर्क कौन-कौन थे और जाली नोटों की आपूर्ति का नेटवर्क किस तरह संचालित हो रहा था।
आगे की कानूनी कार्रवाई
फिलहाल आरोपी को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। एनआईए की टीम के पहुंचने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीमा पार सक्रिय जाली नोट गिरोह के खिलाफ यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है और भविष्य में भी ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





