समस्तीपुर स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में मखाना अनुसंधान एवं विकास उत्कृष्ट केन्द्र का भव्य उद्घाटन किया गया। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर, बागवानी आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार और कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने संयुक्त रूप से इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर “मखाना अनुसंधान एवं विकास” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भी उद्घाटन हुआ।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि कुलपति डॉ. पांडेय के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। प्राकृतिक खेती, डिजिटल एग्रीकल्चर और दीक्षारंभ कार्यक्रम जैसी पहल ने देश के अन्य कृषि विश्वविद्यालयों को नई दिशा दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि मखाना अनुसंधान के क्षेत्र में भी यह विश्वविद्यालय देश को नई राह दिखाएगा। उन्होंने कहा कि यह उत्कृष्ट केन्द्र मखाना की उत्पादन क्षमता और उत्पादकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा, जिससे किसानों और उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा।
बागवानी आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि कुलपति डॉ. पांडेय का व्यापक अनुभव विश्वविद्यालय की प्रगति में स्पष्ट दिखाई देता है। उन्होंने वैज्ञानिकों से अपील की कि वे सामूहिक प्रयास से संस्थान को और उत्कृष्ट बनाएं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संगोष्ठी वैज्ञानिकों, किसानों और उद्यमियों को एक मंच प्रदान करेगी, जहां ज्ञान और अनुभव साझा कर नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
कुलपति डॉ. पी.एस. पांडेय ने बताया कि मखाना अनुसंधान के लिए 17 वैज्ञानिकों की एक विशेष टीम गठित की गई है, जो बीज उत्पादन, उन्नत तकनीक, कृषि यंत्र निर्माण, पैकेजिंग, विपणन और निर्यात सहित पूरे वैल्यू चेन पर कार्य करेगी। उन्होंने मखाना की उत्पादकता को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।
निदेशक अनुसंधान डॉ. ए.के. सिंह ने कहा कि यह केन्द्र प्रभेद सुधार, उत्पादन तकनीक और फसल कटाई के बाद प्रबंधन पर उन्नत अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जिससे गुणवत्ता और उपज दोनों में वृद्धि होगी।
कार्यक्रम में बिहार के विभिन्न जिलों से आए 300 से अधिक किसान, देशभर के वैज्ञानिक, शोधकर्ता और छात्र शामिल हुए। दो दिवसीय संगोष्ठी में तकनीकी सत्र, शोध पत्र प्रस्तुतियां और विस्तृत चर्चा आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का आयोजन 26 फरवरी 2026 को विद्यापति सभागार, पूसा में किया गया।




