पटना : जिलाधिकारी पटना डॉ. त्यागराजन एस.एम. के निर्देश पर बुधवार को पटना शहर में अतिक्रमण उन्मूलन का मल्टी-एजेंसी विशेष अभियान चलाया गया। विभिन्न नगर निकाय क्षेत्रों में एक साथ चले इस अभियान का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना और आम नागरिकों को निर्बाध आवागमन की सुविधा देना था। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों (एसडीओ) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ) को निर्देश दिया कि अभियान को प्रभावी ढंग से चलाया जाए और व्यवधान उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि अतिक्रमण उन्मूलन अभियान का नियमित पर्यवेक्षण जरूरी है तथा पुनः अतिक्रमण रोकने के लिए फॉलो-अप टीमें लगातार सक्रिय रहें। आदतन अतिक्रमणकारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई तथा दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया है।
जिला नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार पटना नगर निगम के नूतन राजधानी अंचल में आयुक्त भवन, कमला नेहरू नगर, लोहिया पथ और जगदेव पथ से अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया, जहां ₹6,000 का जुर्माना वसूला गया। पाटलिपुत्र अंचल में जगदेव पथ से आईजीएमएस और अटल पथ तक कार्रवाई हुई, जहां कपड़ानुमा झोपड़ी, बालू और ईंट जब्त किए गए तथा ₹14,000 का जुर्माना वसूला गया। अजीमाबाद अंचल में जूडिशल एकेडमी से अशोक राजपथ तक अतिक्रमण हटाया गया और ₹5,900 का जुर्माना लिया गया।
इसी प्रकार फुलवारीशरीफ, बांकीपुर, कंकड़बाग, पटना सिटी, दानापुर निजामत और खगौल अंचलों में भी कार्रवाई की गई। विभिन्न क्षेत्रों में बैनर-पोस्टर, ठेले, स्टॉल, चौकी और निर्माण सामग्री हटाई गई। कुल मिलाकर आज के अभियान में ₹54,300 का जुर्माना वसूला गया।
जिलाधिकारी ने यातायात पुलिस को भी निर्देश दिया कि अभियान के दौरान विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया जाए ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि एन्टी-इंक्रोचमेंट ड्राइव नियमित रूप से जारी रहेगा और जहां-जहां अतिक्रमण हटाया गया है, वहां फॉलो-अप टीमें सक्रिय रहेंगी।
अभियान की निगरानी के लिए एक पांच सदस्यीय मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है, जिसमें पुलिस अधीक्षक यातायात, अपर जिला दंडाधिकारी नगर व्यवस्था, पुलिस अधीक्षक विधि-व्यवस्था, अपर नगर आयुक्त तथा सिटी मजिस्ट्रेट शामिल हैं। यह सेल संयुक्त रूप से विशेष निगरानी रखेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि सुव्यवस्थित यातायात प्रबंधन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अतिक्रमण, यातायात नियमों के उल्लंघन तथा अव्यवस्था के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी। सभी विभागों को आपसी समन्वय से अभियान को तार्किक परिणति तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।




