पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने जिलेवासियों से अग्निकांड की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सावधानी बरतने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि 15 मार्च से 15 जून तक का समय अग्नि प्रवण काल माना जाता है, इसलिए इस अवधि में नागरिकों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन विभाग और बिहार अग्निशमन सेवा द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील करते हुए संबंधित अधिकारियों को भी व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को “क्या करें और क्या न करें” के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए ताकि आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस अवधि में पछुआ हवा के तेज प्रवाह के कारण आग तेजी से फैलने की संभावना बढ़ जाती है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में खेत, खलिहान और खड़ी फसलों में आग लगने की घटनाओं से भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा अग्निकांड से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित की गई है। यदि इन निर्देशों का सही तरीके से पालन किया जाए तो आग लगने की अधिकांश घटनाओं को रोका जा सकता है। साथ ही आग लगने की किसी भी छोटी या बड़ी घटना की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की भी अपील की गई है।
जिला अग्निशमन विभाग के अनुसार पटना जिले में कुल 88 अग्निशमन वाहन सक्रिय हैं। इनमें 12,000 लीटर क्षमता वाले 3 वाटर बाउजर, 5,000 लीटर क्षमता से अधिक के 22 वाटर टेंडर और 400 लीटर क्षमता वाली 39 मिश्रित तकनीक की गाड़ियां शामिल हैं। इसके अलावा 5 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, 5 फोम टेंडर तथा 12 बुलेट बाइक भी अग्निशमन कार्यों में उपयोग के लिए उपलब्ध हैं।
जिले में कुल 9 फायर स्टेशन कार्यरत हैं, जिनमें 6 शहरी क्षेत्रों में और 3 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। जिलाधिकारी ने सभी फायर स्टेशनों और थानों में तैनात अग्निशमन वाहनों को ड्राइवर और अन्य संसाधनों के साथ 24 घंटे तैयार रखने का निर्देश दिया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इसके अलावा उन्होंने बिजली विभाग को निर्देश दिया कि बिजली के तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर व्यवस्थित किया जाए, जिससे फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को किसी भी क्षेत्र में आसानी से पहुंचने में परेशानी न हो।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में अग्निशमन सेवा का रिस्पॉन्स टाइम लगभग दो मिनट है, जो एक सराहनीय उपलब्धि है। उन्होंने इसे आगे भी बनाए रखने और सभी पंचायतों में संवेदनशील क्षेत्रों के रूट चार्ट को नियमित रूप से अद्यतन करने का निर्देश दिया है।





