
पटना : बिहार सरकार राज्य के सभी 534 प्रखंडों में नए मॉडल विद्यालय शुरू करने जा रही है। इन विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 1 अप्रैल 2026 को पढ़ाई प्रारंभ होगी। कक्षा नौ में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 फरवरी कर दी गई है। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 15 फरवरी निर्धारित थी।
छात्र-छात्राओं के नामांकन के लिए 11 मार्च को प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। प्रवेश परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का चयन मेधा सूची के आधार पर किया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं और तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
इन मॉडल विद्यालयों को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-तीन’ के तहत खोला जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी प्रखंडों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन स्कूलों की स्थापना का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि कक्षा नौ से ही विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नीट, जेईई और ओलंपियाड की बेहतर तैयारी कराई जाए।
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है। परिषद के अनुसार कम समय के कारण कई छात्र आवेदन नहीं कर पा रहे थे, इसलिए राज्य सरकार के निर्देश पर ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाई गई है। इच्छुक विद्यार्थी एससीईआरटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
मॉडल विद्यालयों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक पुस्तकालय और उन्नत प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। अनुभवी शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों को पढ़ाया जाएगा। नियमित टेस्ट सीरीज आयोजित होगी और छात्रों की प्रगति का विश्लेषण किया जाएगा, ताकि उनकी तैयारी को बेहतर दिशा मिल सके।
इसके अतिरिक्त संदेह समाधान सत्र, व्यक्तिगत करियर काउंसिलिंग और व्यावसायिक मार्गदर्शन की भी व्यवस्था की जाएगी। विद्यार्थियों को अनुशासित और प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इन मॉडल विद्यालयों के माध्यम से ग्रामीण और प्रखंड स्तर के छात्रों को भी उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का समान अवसर मिलेगा। इससे राज्य के विद्यार्थियों की राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता बढ़ेगी।
सरकार को उम्मीद है कि 1 अप्रैल से शुरू हो रही पढ़ाई के साथ ही यह पहल बिहार की शिक्षा व्यवस्था में एक नई दिशा देगी और मेधावी छात्रों के लिए बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी।





