बिहार में नई सरकार का गठन होते ही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जिसके बाद नेताओं और दलों की प्रतिक्रियाएँ लगातार सामने आ रही हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए नीतीश कुमार को बधाई दी।
अखिलेश ने क्यों शेयर की पुरानी तस्वीर?
अखिलेश यादव द्वारा साझा की गई फोटो उस दौर की बताई जा रही है जब इंडिया अलायंस के गठन की तैयारी चल रही थी और नीतीश कुमार उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। तस्वीर के साथ अखिलेश ने लिखा कि—
“बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर नीतीश कुमार को बधाई और आगामी पाँच वर्षों के लिए उनकी मूल समाजवादी विचारधारा पर आधारित स्वतंत्र शासन-प्रणाली चलाने और जनहितकारी कार्यों के लिए शुभकामनाएँ।”
अखिलेश का यह संदेश राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने न केवल नीतीश को बधाई दी, बल्कि उनके समाजवादी विचार पर आधारित शासन चलाने की उम्मीद भी जताई।
गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह
आज पटना का गांधी मैदान एक बार फिर ऐतिहासिक अवसर का गवाह बना। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने नीतीश कुमार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह की खास बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत करीब 20 राज्यों के मुख्यमंत्री समारोह में उपस्थित रहे। यह उपस्थिति नई सरकार के प्रति राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन और महत्व को दर्शाती है।
कौन-कौन बने मंत्री?
नई सरकार में भाजपा, जदयू और हम (H.A.M.) के नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिली।
भाजपा की ओर से शपथ लेने वाले मंत्री:
- सम्राट चौधरी
- विजय कुमार सिन्हा
- दिलीप जायसवाल
- मंगल पांडेय
- राम कृपाल यादव
- अरुण शंकर प्रसाद
- रमा निषाद
- नितिन नबीन
- सुरेंद्र प्रसाद मेहता
जदयू की ओर से शपथ लेने वाले मंत्री:
- विजय कुमार चौधरी
- बिजेंद्र प्रसाद यादव
- श्रवण कुमार
- अशोक चौधरी
- लेशी सिंह
- मदन सहनी
- सुनील कुमार
- मोहम्मद जमा खान
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) की ओर से:
- संतोष सुमन
राजनीतिक संकेत
अखिलेश यादव द्वारा साझा की गई तस्वीर और संदेश राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना है। एक तरफ एनडीए सरकार का गठन हो चुका है, वहीं विपक्ष के नेताओं द्वारा इस तरह की प्रतिक्रियाएँ भविष्य की राजनीतिक समीकरणों को भी संकेत देती हैं।
नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार ने एक बार फिर राजनीतिक स्थिरता और विकास की आशा के साथ नई शुरुआत की है। जनता, विपक्ष और सहयोगी दल—सबकी निगाहें अब सरकार के आने वाले फैसलों पर टिकी हैं।





