बिहारशिक्षासमस्तीपुरसमाचार

समस्तीपुर स्कूलों में अब टैबलेट से हाजिरी, फेशियल रिकग्निशन से उपस्थिति…

समस्तीपुर: अब टैबलेट से बनेगी विद्यार्थियों की हाजिरी, ‘फेशियल रिकग्निशन सिस्टम’ से होगी उपस्थिति दर्ज, एजेंसी कर्मियों की प्रतिनियुक्ति शुरू

समस्तीपुर जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं की उपस्थिति अब नई तकनीक से दर्ज होगी। जिले के सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की हाजिरी टैबलेट के माध्यम से फेशियल रिकग्निशन बेस्ड ऑथेंटिकेशन सिस्टम पर ली जाएगी। शिक्षा विभाग और बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला स्तर पर इसकी तैयारी तेज कर दी है।

एजेंसी को मिली जिम्मेदारी, कर्मियों की प्रतिनियुक्ति शुरू

इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए एक विशेष एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एजेंसी के प्रशिक्षित कर्मियों की प्रतिनियुक्ति समस्तीपुर जिले में कर दी गई है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिलास्तरीय कार्यक्रम अधिकारी (DPO) को निर्देश दिया गया है कि वे इन कर्मियों के लिए जिला मुख्यालय या उपयुक्त स्थान पर बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्हें एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर आगे की आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

स्कूलों में टैबलेट आधारित उपस्थिति की तैयारी

शिक्षा विभाग ने पहले ही राज्य के प्रत्येक सरकारी विद्यालय को टैबलेट उपलब्ध करा दिया था। अब इन्हीं टैबलेट पर विद्यार्थियों की हाजिरी भी दर्ज होगी। फेशियल रिकग्निशन सिस्टम के कारण उपस्थिति अधिक सटीक और पारदर्शी होगी।

यह भी पढ़ें  किसान के मूलभूत अधिकार एवं उनके सुरक्षा के मुद्दे पर विचार

स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे टैबलेट, इंटरनेट कनेक्टिविटी, और डेटा अपलोडिंग की आवश्यक व्यवस्था जल्द से जल्द सुनिश्चित करें, ताकि तकनीकी बाधा न हो।

पहले भी ई-शिक्षा कोष एप से हो रही थी व्यवस्था

विभाग पहले से शिक्षकों की उपस्थिति ई-शिक्षा कोष एप पर दर्ज करा रहा था। इसके अलावा, एप पर जिले के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के छात्रों की एनरॉलमेंट एंट्री भी कराई गई थी।

यह भी पढ़ें  आसरा गृह मौ'त: NHRC ने बिहार सरकार से रिपोर्ट मांगी

अब यह प्रणाली और आधुनिक होने जा रही है—जहां मात्र फोटो पहचान के आधार पर छात्र की उपस्थिति स्वचालित रूप से टैबलेट में दर्ज हो जाएगी।

स्कूलों को मिले निर्देश

  • प्रत्येक विद्यालय टैबलेट की सुरक्षा और कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करे।
  • फेशियल रिकग्निशन हेतु साफ़ एवं अद्यतन छात्र फोटो अपलोड किए जाएं।
  • नेटवर्क उपलब्ध न होने की स्थिति में ऑफलाइन मोड का उपयोग कर बाद में डेटा सिंक करें।
  • प्रधानाध्यापक प्रतिदिन उपस्थिति मॉनिटर करेंगे और आवश्यक अभिलेख अपडेट करेंगे।
यह भी पढ़ें  ट्रांसजेंडर मोनिका दास को चुनाव आयोग ने बनाया स्टेट आइकॉन

उद्देश्य: सटीक उपस्थिति और पारदर्शिता

नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य है—

  • फर्जी हाजिरी पर रोक
  • विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति का सटीक रिकॉर्ड
  • बेहतर मॉनिटरिंग
  • राज्य स्तर पर डेटा का त्वरित विश्लेषण

समस्तीपुर शिक्षा विभाग के अनुसार, यह तकनीक शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ा कदम है। आने वाले महीनों में जिले के सभी स्कूलों में यह प्रणाली पूर्ण रूप से लागू कर दी जाएगी।

Gaam Ghar Desk

गाम घर डेस्क के साथ भारत और दुनिया भर से नवीनतम ब्रेकिंग न्यूज़ और विकास पर नज़र रखें। राजनीति, एंटरटेनमेंट और नीतियों से लेकर अर्थव्यवस्था और पर्यावरण तक, स्थानीय मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय घटनाओं और वैश्विक मामलों तक, हमने आपको कवर किया है। Follow the latest breaking news and developments from India and around the world with 'Gaam Ghar' news desk. From politics , entertainment and policies to the economy and the environment, from local issues to national events and global affairs, we've got you covered.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button