ऑनलाइन ग्रोसरी स्कैम: एक कॉल में खाली हो सकता है अकाउंट’
ऑनलाइन ग्रोसरी ऑर्डर करते समय रहें सावधान! एक कॉल में खाली हो सकता है अकाउंट
ऑनलाइन शॉपिंग और ग्रोसरी ऑर्डर करना आज के दौर में हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है। घर बैठे सामान मंगाना जितना आसान और सुविधाजनक है, उतना ही यह साइबर अपराधियों के लिए भी एक नया मैदान बन गया है। हाल ही में रिफंड के नाम पर एक नया स्कैम सामने आया है, जिसमें सिर्फ एक फेक कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करने से लोगों का बैंक अकाउंट तक खाली हो जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में एक महिला ने ऑनलाइन ग्रोसरी ऐप से सामान मंगाया। डिलीवरी के बाद जब उसने देखा कि प्रोडक्ट खराब है, तो उसने रिफंड के लिए कस्टमर केयर से संपर्क करने की कोशिश की। उसने गूगल पर जाकर कंपनी का कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। वहीं उसे एक नंबर मिला, जो असल में स्कैमर्स का था। उस नंबर पर कॉल करते ही सामने वाले ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताया और रिफंड प्रोसेस शुरू करने का भरोसा दिया।
कुछ ही मिनटों में बातचीत के दौरान स्कैमर ने महिला से WhatsApp पर स्क्रीन शेयर करने को कहा। जैसे ही महिला ने स्क्रीन शेयर किया, स्कैमर ने उसके फोन पर आने वाले OTP और बैंक से जुड़े मैसेज देख लिए। इसके बाद एक के बाद एक कई ट्रांजैक्शन हुए और महिला के अकाउंट से करीब ₹80,000 निकाल लिए गए।
कैसे काम करता है यह स्कैम?
साइबर अपराधी अब बेहद चालाक तरीके अपना रहे हैं। वे SEO और ऑनलाइन विज्ञापनों के ज़रिए गूगल सर्च रिजल्ट में नकली कस्टमर केयर नंबर ऊपर दिखा देते हैं। यूज़र को लगता है कि यह असली कंपनी का नंबर है।
स्कैम की प्रक्रिया कुछ इस तरह होती है:
- यूज़र गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च करता है।
- सबसे ऊपर दिखने वाले फेक नंबर पर कॉल करता है।
- स्कैमर कंपनी का कर्मचारी बनकर बात करता है और भरोसा जीतता है।
- रिफंड के बहाने स्क्रीन शेयरिंग या कोई ऐप डाउनलोड करवाता है।
- स्क्रीन शेयर होते ही OTP, बैंक मैसेज और UPI डिटेल्स देख लेता है।
- फिर अकाउंट से पैसे निकाल लिए जाते हैं।
कभी-कभी स्कैमर AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करवाते हैं, जिससे वे फोन का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते हैं।
क्यों लोग आसानी से फंस जाते हैं?
रिफंड या शिकायत के समय लोग परेशान होते हैं और जल्दी समाधान चाहते हैं। इसी जल्दबाज़ी का फायदा स्कैमर उठाते हैं। जब सामने वाला खुद को “कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव” बताता है, तो लोग बिना सोचे-समझे उस पर भरोसा कर लेते हैं।
ऐसे फ्रॉड से कैसे बचें?
अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग या ग्रोसरी ऑर्डर करते हैं तो इन बातों का ज़रूर ध्यान रखें:
- हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही कस्टमर सपोर्ट से संपर्क करें।
- गूगल पर दिख रहे किसी भी नंबर पर सीधे भरोसा करके कॉल न करें।
- कोई भी असली कंपनी रिफंड के लिए स्क्रीन शेयर करने को नहीं कहती।
- UPI PIN, OTP, कार्ड नंबर, CVV या बैंक डिटेल्स कभी भी किसी से शेयर न करें।
- अगर कोई ऐप डाउनलोड करने को कहे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
- फोन पर आई किसी भी अनजान कॉल पर निजी जानकारी न दें।
अगर आप फ्रॉड का शिकार हो जाएं तो क्या करें?
अगर आपके साथ ऐसा कुछ हो जाए, तो तुरंत:
- अपने बैंक को कॉल करके अकाउंट फ्रीज़ करवाएं।
- साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
- cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करें।
ऑनलाइन शॉपिंग सुविधा जरूर है, लेकिन इसके साथ खतरे भी जुड़े हैं। थोड़ी सी लापरवाही आपके मेहनत के पैसे को मिनटों में उड़ा सकती है। इसलिए जागरूक रहें, सतर्क रहें और किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा करने से पहले दो बार सोचें। याद रखें – असली कंपनियां कभी भी आपसे OTP या स्क्रीन शेयर करने को नहीं कहतीं।





