बिहार की राजनीति में परिवारवाद पर अक्सर तीखी बहस होती रही है, लेकिन राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा का परिवार अब खुद सुर्खियों में है। लंबे समय तक खुद को परिवार से अलग रखने की बात करने वाले कुशवाहा अब खुले तौर पर राजनीतिक उत्तराधिकार की राह पर दिखते हैं। विधायक पत्नी स्नेहलता कुशवाहा और मंत्री बेटे दीपक प्रकाश के बाद अब उनकी बहू साक्षी मिश्रा कुशवाहा के राजनीतिक पदार्पण की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हालांकि फिलहाल किसी चुनावी मैदान में उतरने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन जिस तरह साक्षी सार्वजनिक मंचों पर सक्रिय नजर आ रही हैं, उससे संकेत साफ हैं कि उन्हें धीरे-धीरे राजनीति की तैयारी में उतारा जा रहा है। पार्टी कार्यालय के कार्यक्रमों से लेकर सामाजिक आयोजनों तक, हर जगह उनकी मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है।
कुशवाहा परिवार की सियासी रणनीति
उपेंद्र कुशवाहा का राज्यसभा कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। वहीं, बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री पद पर बने रहने के लिए 20 मई से पहले विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होगा। ऐसे में कुशवाहा परिवार के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जदयू के दबदबे के बीच आरएलएम पर सीटों को लेकर दबाव बढ़ सकता है। चर्चा है कि कुशवाहा से कहा जा सकता है कि वे या तो खुद की राज्यसभा सीट चुनें या फिर बेटे के लिए विधान परिषद की सीट।
इसी सियासी अनिश्चितता के बीच बहू साक्षी मिश्रा का उभरना महज संयोग नहीं माना जा रहा। पार्टी के अंदरखाने में यह भी कहा जा रहा है कि स्नेहलता और दीपक को राजनीति में लाने के फैसले में साक्षी की भूमिका अहम रही है। परिवार को सुरक्षित राजनीतिक भविष्य देने के लिए उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा को मनाया था।
प्रचार से मंच तक का सफर
साक्षी मिश्रा कुशवाहा पहली बार तब लोगों की नजर में आईं जब वे सास स्नेहलता कुशवाहा के लिए सासाराम विधानसभा क्षेत्र में प्रचार करने उतरीं। इसके बाद दीपक प्रकाश के मंत्री बनने के साथ ही वे कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके साथ दिखाई देने लगीं।
गांव में दही-चूड़ा भोज के मौके पर साक्षी सिर्फ व्यवस्थाएं संभालती ही नहीं दिखीं, बल्कि मंच पर माइक और माला के साथ भी सहज नजर आईं। पार्टी कार्यालय में लाल बहादुर शास्त्री और ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि जैसे आयोजनों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही। आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के कुशवाहा आवास दौरे के दौरान भी साक्षी की मौजूदगी और संवाद पर लोगों का ध्यान गया।
कौन हैं साक्षी मिश्रा कुशवाहा?
साक्षी मिश्रा उत्तर प्रदेश के एक रिटायर्ड अधिकारी की बेटी हैं। उनकी और दीपक प्रकाश की लव मैरिज हुई है और यह जोड़ा इस समय बिहार के सबसे चर्चित राजनीतिक कपल में गिना जाता है। जहां चिराग पासवान और निशांत कुमार जैसे नेताओं ने अब तक शादी नहीं की है और तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव भी राजनीति से दूरी बनाए रखती हैं, वहीं साक्षी का खुलकर सामने आना अलग तस्वीर पेश करता है।
उन्हें लेकर समर्थक कहते हैं कि वे पढ़ी-लिखी, आत्मविश्वासी और संवाद में मजबूत हैं। विरोधियों का कहना है कि यह परिवारवाद का नया अध्याय है।
क्या जल्द होगा राजनीतिक एलान?
फिलहाल साक्षी मिश्रा कुशवाहा की ओर से किसी भी तरह का औपचारिक राजनीतिक एलान नहीं हुआ है। लेकिन जिस तरह वे लगातार जनता के बीच नजर आ रही हैं, उससे कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में वे किसी बड़ी भूमिका में दिखाई दे सकती हैं।
अगर ऐसा होता है, तो बिहार की राजनीति में “जनेऊधारी ब्राह्मण की बेटी और चंद्रगुप्त मौर्य के वंशज की पतोहू” के तौर पर साक्षी का प्रवेश न सिर्फ आरएलएम बल्कि पूरे राज्य की सियासत में नया रंग भर सकता है। आने वाले महीनों में यह साफ हो जाएगा कि मंच, माइक और माला सिर्फ सामाजिक सक्रियता का प्रतीक हैं या फिर किसी बड़े राजनीतिक कदम की आहट।





