एक और प्लेन क्रैश, सांसद समेत 15 की मौ’त, कोई भी जीवित नहीं बचा
Colombia Plane Crash; कोलंबिया में भीषण विमान हादसा: सांसद समेत 15 लोगों की मौ'त, एक भी यात्री नहीं बचा
Colombia Plane Crash : कोलंबिया में एक बार फिर दिल दहला देने वाला विमान हादसा सामने आया है। बुधवार, 28 जनवरी 2026 को एक ट्विन-प्रोपेलर विमान वेनेजुएला की सीमा के पास पहाड़ी इलाके में क्रैश हो गया। इस दर्दनाक हादसे में एक कोलंबियाई सांसद समेत कुल 15 लोगों की मौ’त हो गई। प्लेन में सवार सभी 13 यात्रियों और 2 क्रू मेंबर्स की जान चली गई। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि दुर्घटना में कोई भी जीवित नहीं बचा।
यह विमान कोलंबिया की सरकारी एयरलाइन सैटेना (SATENA) द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था। इसने सीमावर्ती शहर कुकुटा से उड़ान भरी थी और ओकाना में लैंड करना था। उड़ान का कुल समय मात्र 23 मिनट का था। लेकिन स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 5 बजे (1700 GMT) ओकाना पहुंचने से कुछ ही समय पहले विमान का हवाई यातायात नियंत्रण (ATC) से संपर्क टूट गया। इसके बाद रडार पर विमान का कोई सिग्नल नहीं मिला।
कुछ देर बाद पहाड़ी क्षेत्र में विमान के मलबे मिलने की सूचना मिली। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। कोलंबियाई विमानन प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी AFP से कहा,
“इस हादसे में कोई भी जीवित नहीं बचा है।”
बताया गया है कि यह एक ट्विन-इंजन (ट्विन-प्रोपेलर) विमान था, जिसमें दो पंखों पर लगे प्रोपेलर इंजन होते हैं। ऐसे विमान आमतौर पर छोटे और मध्यम दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, खासकर पहाड़ी और सीमावर्ती इलाकों में।
फिलहाल विमान के क्रैश होने के कारणों का पता नहीं चल सका है। तकनीकी खराबी, खराब मौसम या मानवीय चूक – किसी भी पहलू से जांच की जा रही है। कोलंबियाई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
गौरतलब है कि कोलंबिया में इस महीने यह दूसरा बड़ा विमान हादसा है। इससे पहले 11 जनवरी 2026 को राजधानी बोगोटा में एक चार्टर विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें 6 लोगों की मौ’त हो गई थी। उस हादसे में कोलंबिया के लोकप्रिय गायक और गीतकार येइसन जिमेनेज की भी जान चली गई थी।
लगातार हो रहे इन हादसों ने कोलंबिया की विमानन सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार और विमानन एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है कि वे तकनीकी जांच, पायलट ट्रेनिंग और उड़ानों की निगरानी को और सख्त करें, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।




