नितिन नबीन अध्यक्ष बनते ही सक्रिय, 21–22 जनवरी को को अहम बैठकें
नितिन नबीन के नेतृत्व की शुरुआत: कार्यभार संभालते ही तेज़ी से एक्शन में, 21–22 जनवरी को अहम बैठकें

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 20 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में औपचारिक रूप से कार्यभार संभालेंगे। लेकिन खास बात यह है कि वे पद ग्रहण करने के अगले ही दिन से पूरी सक्रियता के साथ संगठनात्मक काम में जुट जाएंगे। 21 जनवरी को वे प्रदेश अध्यक्षों और पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जबकि 22 जनवरी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से भाजपा में भेजे गए संगठन सचिवों के साथ विचार-विमर्श करेंगे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार नितिन नबीन का फोकस शुरू से ही संगठन, सरकार और आरएसएस के बीच हर स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करने पर रहेगा। वे कार्यभार संभालने में एक दिन की भी देरी नहीं चाहते, इसी कारण उन्होंने पहले ही सभी प्रदेश अध्यक्षों, संगठन सचिवों, राष्ट्रीय पदाधिकारियों और राष्ट्रीय परिषद के कुछ वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुला लिया है। अधिकांश नेता 19 जनवरी को ही दिल्ली पहुंच जाएंगे और 20 जनवरी को होने वाले पदभार ग्रहण समारोह में शामिल होंगे।
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नितिन नबीन पहले से ही कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कई राज्यों का दौरा कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर संगठन की जमीनी स्थिति, चुनावी तैयारियों और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की थी। सूत्रों का कहना है कि वे राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में लगातार काम करने और संगठन को नई ऊर्जा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
बैठकों का औपचारिक एजेंडा अभी तय नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि नितिन नबीन इन बैठकों में अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करेंगे। इनमें संगठनात्मक मजबूती, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता, आगामी चुनावों की रणनीति और आरएसएस, पार्टी संगठन तथा सरकार के बीच तालमेल प्रमुख मुद्दे होंगे। इसके अलावा वे आरएसएस से जुड़े अनुसांगिक संगठनों के अध्यक्षों और संगठन सचिवों से भी अलग-अलग मुलाकात कर चुके हैं, जिससे समन्वय को और मजबूत किया जा सके।
भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी 19 जनवरी को ही दिल्ली पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 और 20 जनवरी दोनों दिन दिल्ली में मौजूद रहेंगे। कार्यभार संभालने के बाद प्रधानमंत्री पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं को संबोधित भी करेंगे, जिससे आगामी समय के लिए पार्टी की दिशा और दृष्टि स्पष्ट होगी।
कुल मिलाकर, नितिन नबीन की ताजपोशी के साथ ही भाजपा संगठन में नई सक्रियता और गति देखने को मिलेगी। उनकी शुरुआती बैठकों से यह संकेत मिल रहा है कि वे नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालते ही संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, सरकार और आरएसएस के साथ समन्वय बढ़ाने तथा चुनावी तैयारियों को धार देने पर विशेष जोर देंगे। यह दौर भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
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