समस्तीपुर, बिहार : बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। समस्तीपुर नगर निगम के डिप्टी मेयर राम बालक पासवान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे एक शराब पार्टी में शामिल दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वे समर्थकों के साथ झूमते-नाचते दिखते हैं, जबकि उनकी बाजु में एक बार-बाला बैठी नज़र आती है। यह वीडियो सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि कार्यक्रम में मौजूद कई लोग शराब पी रहे हैं और बोतलें खुलकर एक आदमी अपने हाथ में रखी हैं। बिहार में जहाँ 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, ऐसे में एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि का इस तरह का दृश्य सामने आना कानून व्यवस्था और शराबबंदी अभियान दोनों पर सवाल खड़े करता है।
डिप्टी मेयर पासवान के इस वीडियो ने लोगों में गुस्सा पैदा कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि जब नेताओं द्वारा ही कानून का खुलेआम उल्लंघन किया जाएगा, तो आम जनता से कानून का पालन करवाना कैसे संभव होगा। कई लोगों ने इसे शराबबंदी कानून की विफलता का उदाहरण बताते हुए सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
यह पहला मौका नहीं है जब शराबबंदी को लेकर सरकारी प्रतिनिधियों पर उंगलियाँ उठी हों, लेकिन इस बार मामला इसलिए गंभीर हो गया है क्योंकि वीडियो में डिप्टी मेयर स्वयं शराब पार्टी में शामिल दिख रहे हैं। इसके साथ ही एक बार-बाला का मौजूद होना और मनोरंजन कार्यक्रम का माहौल यह दर्शाता है कि पूरी घटना एक सुनियोजित पार्टी का हिस्सा थी, न कि किसी निजी पल का लीक हुआ वीडियो।
हालाँकि अब तक डिप्टी मेयर की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। न ही नगर निगम प्रशासन या जिला प्रशासन की तरफ से इस मामले पर कोई स्पष्टीकरण या कार्रवाई की घोषणा की गई है।
साथ ही विपक्ष ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि शराबबंदी सिर्फ कागजों पर सफल है, ज़मीनी सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। वायरल वीडियो को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाया कि यदि जनप्रतिनिधि ही कानून तोड़ रहे हैं, तो शराबबंदी का असली लाभ किसे मिल रहा है?
इस घटना ने न केवल शराबबंदी अभियान की विश्वसनीयता पर चोट पहुँचाई है, बल्कि प्रदेश में जनप्रतिनिधियों के नैतिक आचरण पर भी गंभीर चिंताएँ खड़ी कर दी हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन इस वायरल वीडियो की जांच कब और कैसे करता है और क्या डिप्टी मेयर पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।




