लालू युग का अंत, तेजस्वी यादव संभालेंगे RJD की राष्ट्रीय कमान’
लालू यादव की राजनीतिक पारी का अंत, तेजस्वी यादव संभालेंगे RJD की राष्ट्रीय कमान
पटना : बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव की आधिकारिक घोषणा हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में ‘लालू युग’ का अंत करते हुए पार्टी ने तेजस्वी यादव को अपना राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। इस फैसले के साथ ही लालू प्रसाद यादव ने लगभग तीन दशकों बाद पार्टी के सर्वोच्च पद से औपचारिक रूप से किनारा कर लिया है और नेतृत्व की जिम्मेदारी अब पूरी तरह उनके बेटे तेजस्वी यादव के हाथों में सौंप दी गई है।
राष्ट्रीय जनता दल की स्थापना वर्ष 1997 में हुई थी और तब से लेकर अब तक लालू यादव ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। उन्होंने सामाजिक न्याय, पिछड़े और वंचित वर्गों की राजनीति को बिहार और देश की राजनीति में एक मजबूत पहचान दिलाई। लेकिन अब पार्टी ने भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने का निर्णय लिया है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हुआ ऐलान
यह घोषणा RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के उद्घाटन सत्र में की गई, जिसमें लालू यादव, राबड़ी देवी और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। बैठक के दौरान लालू यादव ने स्वयं अपने बेटे तेजस्वी यादव को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस ऐतिहासिक क्षण को पार्टी ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा करते हुए लिखा,
“एक नए युग की शुरुआत! तेजस्वी यादव जी को राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।”
सर्वसम्मति से लिया गया फैसला
RJD के प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि यह फैसला पार्टी की कोर कमेटी और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सर्वसम्मति से लिया गया है। उन्होंने कहा,
“राष्ट्रीय अध्यक्ष की मंजूरी के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे पूरी कमेटी ने एकमत से स्वीकार कर लिया। अब तेजस्वी जी पार्टी की राष्ट्रीय रणनीति और संगठनात्मक दिशा तय करेंगे।”
तेजस्वी यादव: युवा नेतृत्व की नई पहचान
तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के छोटे बेटे हैं। वे पहले बिहार के उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद संभाल रहे हैं। तेजस्वी ने युवाओं, रोजगार और विकास के मुद्दों पर अपनी अलग पहचान बनाई है। अब पार्टी का पूरा संगठनात्मक और राजनीतिक नियंत्रण उनके हाथ में आ गया है।
चुनावी हार के बाद मंथन
हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में RJD ने तेजस्वी यादव के चेहरे पर चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व, संगठन और रणनीति को लेकर व्यापक मंथन शुरू हुआ था। इसी मंथन का नतीजा है कि अब पार्टी ने औपचारिक रूप से कमान तेजस्वी यादव को सौंप दी है।
लालू यादव की विरासत और नई जिम्मेदारी
लालू यादव का नाम बिहार की राजनीति में सामाजिक न्याय की लड़ाई से जुड़ा रहा है। उन्होंने पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों को राजनीतिक मुख्यधारा में लाने में बड़ी भूमिका निभाई। अब तेजस्वी यादव पर यह जिम्मेदारी है कि वे उस विरासत को आगे बढ़ाते हुए पार्टी को नए दौर की राजनीति के अनुरूप मजबूत करें।
पार्टी में नए युग की शुरुआत
RJD के इस फैसले को पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह ऐतिहासिक माना जा रहा है। एक ओर जहाँ लालू यादव की राजनीतिक पारी के अंत का प्रतीक है, वहीं दूसरी ओर यह तेजस्वी यादव के लिए एक बड़ी परीक्षा की शुरुआत भी है। अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर किस दिशा में ले जाते हैं और बिहार की राजनीति में RJD को फिर से मजबूत कैसे करते हैं।





