मुजफ्फरपुर में राज्य स्तरीय दिव्यांगजन होली मिलन समारोह संपन्न
150 से अधिक दिव्यांगजन और पदाधिकारी शामिल, सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए सम्मान समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित।
मुजफ्फरपुर (बिहार)। राज्य स्तरीय दिव्यांगजन होली मिलन सम्मान समारोह–2026 का भव्य आयोजन 1 मार्च को मुजफ्फरपुर की ऐतिहासिक धरती पर गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम Bihar Association of Persons with Disabilities (BAPWD), Disabled Persons Group Muzaffarpur, रानी लक्ष्मी बाई महिला विकास समिति सफल स्कूल मुजफ्फरपुर तथा पीडब्ल्यूडी संघ, औराई प्रखंड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
समारोह में बिहार के विभिन्न जिलों से 150 से अधिक दिव्यांगजन, समाजसेवी, पदाधिकारी एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजन सशक्तिकरण, सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता, महिला सहभागिता और सकारात्मक सोच के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना था।
मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्य आयुक्त (निःशक्ता), बिहार सरकार डॉ. शिवाजी कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में दिव्यांगजनों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने आत्मविश्वास और अधिकारों के प्रति जागरूकता पर विशेष बल दिया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रमोद कुमार, प्राचार्य, नितेश्वर सिंह कॉलेज, मुजफ्फरपुर ने शिक्षा, आत्मबल और निरंतर प्रयास को सफलता की कुंजी बताते हुए दिव्यांगजनों को जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
प्रदेश संरक्षक विनय कुमार श्रीवास्तव ने समाज के प्रत्येक वर्ग से दिव्यांगजनों के उत्थान के लिए आगे आने का आह्वान किया। वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश कुमार चौधरी ने बताया कि संगठन प्रतिदिन रात्रि 7:30 बजे ऑनलाइन गूगल मीट के माध्यम से दिव्यांगजनों की समस्याएं सुनकर समाधान का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि संगठन सरकार, समाज और परिवार के साथ समन्वय स्थापित कर अधिकारों की मजबूती से पैरवी कर रहा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शंभू साहनी एवं सचिव रामजीवन शाह ने की। मंच संचालन जिला कार्यक्रम समन्वयक सह राज्य मीडिया प्रभारी लालू तुरहा ने प्रभावी ढंग से किया।
समारोह की विशेष उपलब्धि यह रही कि वक्ताओं ने राज्य स्तरीय कार्यक्रमों को राजधानी तक सीमित न रखकर अन्य जिलों में भी आयोजित करने पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक होली मिलन, रंग-अबीर एवं गुलाल के साथ आपसी सौहार्द का संदेश दिया गया। सहयोगकर्ताओं को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया और सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।
यह आयोजन सामाजिक एकता, समावेशिता और दिव्यांगजन सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल के रूप में याद किया जाएगा।





