पटना : मंगलवार सुबह बिहार के कई जिलों में अचानक सनसनी फैल गई जब कई सिविल कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी ईमेल/मैसेज के जरिए भेजे जाने की सूचना मिली। मुजफ्फरपुर, सिवान, बेगुसराय, भागलपुर और समस्तीपुर के सिविल कोर्ट परिसर प्रमुख तौर पर लक्षित रहे। सूचना मिलने के बाद सभी संबंधित जिलों में पुलिस प्रशासन एवं न्यायिक विभाग अलर्ट पर आ गए और तत्काल प्रभाव से कोर्ट परिसर खाली कराए गए। पूरे क्षेत्र में सघन सुरक्षा व सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं।
मुजफ्फरपुर में स्थिति तनावपूर्ण रही जहाँ जिला जज के मेल आईडी पर धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद जिला प्रशासन व न्यायिक महकमे ने एहतियाती तौर पर सिविल कोर्ट परिसर को खाली करा दिया। अदालत परिसर में उपस्थित अधिवक्ता, न्यायालय कर्मचारी, वादकारी और अन्य आगंतुकों से शांति बनाए रखने तथा प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया गया। अधिवक्ता कमलेश कुमार ने कहा, “उपद्रवियों के द्वारा मेल पर सूचना दी गई है कि सिविल कोर्ट को उड़ा देंगे. उसी को देखते हुए एहतियातन सिविल कोर्ट को खाली कराया जा रहा है. कार्रवाई की जा रही है.”
मौके पर पहुंची पुलिस और सुरक्षा बलों ने डॉग स्क्वायड व विस्फोटक पहचान टीमों (ईओडी) के साथ एक-एक परिसर की तलाशी शुरू कर दी है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश मिश्रा ने बताया कि उन्होंने मुख्यालय के एसओपी के अनुरूप कार्रवाई करते हुए कोर्ट परिसर खाली कराया है और डॉग स्क्वायड के माध्यम से सघन चेकिंग करवाई जा रही है। उन्होंने आम जनता व कोर्ट से जुड़े सभी लोगों से सहयोग की अपील की है। “आज हमलोग कोर्ट परिसर की सुरक्षा के लिए ड्रिल कर रहे हैं. सुबह सीजे मैम के ईमेल आईडी पर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी का मैसेज आया था… हम सभी से सहयोग करने की अपील करते हैं,” उन्होंने कहा।
समस्तीपुर सिविल कोर्ट में भी समान स्तर की चेतावनी मिलने पर परिसर खाली करवा दिया गया और मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। वहां डीएम व एसपी समेत उच्च अधिकारी दौरे पर पहुंचकर तलाशी अभियान की निगरानी कर रहे हैं। बेगूसराय में भी जिला जज के मेल पर धमकी मिलने की जानकारी आई है, जिसके बाद न्यायिक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा और परिसर खली कराया गया। सिवान में धमकी का मैसेज अधिवक्ता समूहों के व्हाट्सऐप ग्रुप पर वायरल होने के बाद जिला विधिज्ञ संघ के महासचिव ने तत्काल निर्देश जारी कर पूरे परिसर को खाली कराने का आदेश दिया।
अधिवक्ताओं के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अस्थायी तौर पर किसी भी हालत में कोर्ट कैंपस में प्रवेश न करें और अधिवक्ता बन्धु संघभवन में ही बने रहें। जारी अधिसूचना में कहा गया है कि दिनांक 28/01/2026 को सुरक्षा कारणों से सभी अधिवक्ता 12:00 बजे तक संघभवन में ही उपस्थित रहें।
प्रशासन ने नागरिकों से भी शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी है। सुरक्षा एजेंसियाँ फिलहाल अलर्ट मोड पर हैं और मामले की गहन जांच कर रही हैं। ईओडी, साइबर सेल और स्थानीय पुलिस संदिग्ध ईमेल/मैसेज के स्रोत का पता लगाने के साथ-साथ किसी भी प्रकार की संवेदनशील सामग्री की तलाश कर रही है। वहीं, उच्च न्यायालय व संबंधित जिला प्रशासन ने भी आवश्यक सतर्कता बरतने तथा जांच रिपोर्ट उपलब्ध होते ही सार्वजनिक जानकारी साझा करने का आश्वासन दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ समन्वय बढ़ा दिया है। जांच के परिणाम और आगे के निर्देशों के बारे में जैसे ही आधिकारिक सूचना आएगी, उसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा। आम जनता से प्रशासन का अनुरोध है कि वे आवश्यक सावधानी बरतें और जांच में पुलिस का सहयोग दें।




