Education News : बिहार राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, पटना के निर्देशानुसार राज्य के सभी सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में समस्तीपुर जिले के विभिन्न विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं की परीक्षा आयोजित की गई।
परीक्षा के पहले दिन प्रथम पाली में कक्षा तीन से आठ तक के विद्यार्थियों की पर्यावरण अध्ययन और सामाजिक विज्ञान विषय की लिखित परीक्षा ली गई। वहीं दूसरी पाली में कक्षा एक और दो के बच्चों की मौखिक परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन किया गया।
इस वार्षिक मूल्यांकन के लिए उत्तर पुस्तिकाएं बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) के माध्यम से विद्यालयों तक पहुंचाई गईं। वहीं प्रश्न पत्र ई-शिक्षा कोष पोर्टल से डाउनलोड कर विद्यालयों में श्यामपट्ट (ब्लैकबोर्ड) पर लिखा गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने बोर्ड पर लिखे गए प्रश्नों को अपनी कॉपी में उतारकर उनका उत्तर लिखा।
परीक्षा के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के लिए कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर के समन्वयकों द्वारा शिक्षकों की ड्यूटी दूसरे विद्यालयों में वीक्षक के रूप में लगाई गई। इससे परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
समस्तीपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय बेला पचरुखी में केंद्राधीक्षक सह समन्वयक मुकेश कुमार के नेतृत्व में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों ने वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा में भाग लिया। कॉम्प्लेक्स रिसोर्स सेंटर उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बेला पचरुखी के अंतर्गत आने वाले पांच विद्यालयों के शिक्षकों को अलग-अलग विद्यालयों में वीक्षण कार्य के लिए भेजा गया।
इसके तहत मध्य विद्यालय बेला पचरुखी में उत्क्रमित मध्य विद्यालय चक हाजी के शिक्षक, उत्क्रमित मध्य विद्यालय रघुनाथपुर बेला में मध्य विद्यालय बेला पचरुखी के शिक्षक तथा अन्य विद्यालयों में भी आपसी समन्वय के तहत वीक्षक कार्य कराया गया।
शिक्षा विभाग के अनुसार यह मूल्यांकन प्रक्रिया 19 मार्च तक चलेगी। इसके बाद उत्तर पुस्तिकाओं की जांच 25 मार्च तक पूरी की जाएगी। परीक्षा परिणाम और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की जानकारी साझा करने के लिए 30 मार्च को विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक गोष्ठी आयोजित की जाएगी।
इस गोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों के प्रगति पत्रक अभिभावकों को दिए जाएंगे और उनके शैक्षणिक प्रदर्शन पर चर्चा की जाएगी, ताकि बच्चों की पढ़ाई को और बेहतर बनाया जा सके।





