बिहारराजनीतिसमाचार

राज्यसभा जाने से पहले एक माह और मुख्यमंत्री रहेंगे नीतीश कुमार

राज्यसभा नामांकन के बाद भी नीतीश कुमार तुरंत इस्तीफा नहीं देंगे, अप्रैल तक संभालेंगे बिहार की कमान; एनडीए में नए मुख्यमंत्री को लेकर मंथन तेज

बिहार की राजनीति में इस समय एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर चुके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिलहाल तुरंत पद नहीं छोड़ेंगे और कम से कम एक महीने तक बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। सरकारी सूत्रों और दिल्ली-पटना के राजनीतिक गलियारों से मिली जानकारी के अनुसार सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की तैयारी की जा रही है।

हाल के दिनों में यह अटकलें तेज थीं कि राज्यसभा जाने के साथ ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। हालांकि अब साफ हो गया है कि ऐसा तुरंत नहीं होगा। सूत्रों के अनुसार, अप्रैल के दूसरे सप्ताह से राज्यसभा का नया कार्यकाल शुरू होने वाला है। इसी समय मौजूदा राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होगा। ऐसे में यह तय किया गया है कि तब तक राज्य की जिम्मेदारी नीतीश कुमार ही संभालेंगे।

इस दौरान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए के भीतर नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन जारी रहेगा। माना जा रहा है कि इस एक महीने की अवधि में भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व बिहार के नए नेतृत्व पर अंतिम फैसला करेगा। केंद्रीय स्तर पर होने वाली बैठकों में इस विषय पर लगातार चर्चा हो रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हालिया चुनावों में एनडीए को मिले बहुमत के बाद भाजपा पहली बार बिहार में अपने किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। दिल्ली के सियासी हलकों में यह चर्चा जोरों पर है कि आने वाले समय में बिहार की सत्ता भाजपा के हाथों में जा सकती है। हालांकि अभी तक पार्टी की ओर से किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

यह भी पढ़ें  मुजफ्फरपुर में दहेज को लेकर बैंककर्मी बहू का पैर तोड़ा

इधर, बिहार के राजनीतिक माहौल में कई संभावित नामों की चर्चा भी तेज हो गई है। कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि भाजपा नेतृत्व कोई नया या अप्रत्याशित चेहरा भी सामने ला सकता है। यही वजह है कि पटना से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

यह भी पढ़ें  "शिवाजीनगर पीएचसी प्रभारी का वायरल वीडियो: 6 हजार में अबॉर्शन की बात"

दूसरी ओर जनता दल यूनाइटेड के भीतर भी आने वाले समय में संगठनात्मक बदलाव की संभावना जताई जा रही है। नीतीश कुमार के राज्य की सक्रिय राजनीति से धीरे-धीरे दूरी बनाने की खबरों के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी चर्चा का दौर जारी है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह भी कहा जा रहा है कि इस दौरान जेडीयू संगठन में नई जिम्मेदारियां बांटी जा सकती हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी चर्चा है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को पार्टी या सरकार में कोई अहम भूमिका दी जा सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस बीच नीतीश कुमार ने खुद सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस फैसले की जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही यह इच्छा रही है कि वे बिहार विधानमंडल और संसद के सभी सदनों के सदस्य बनें। राज्यसभा जाने के साथ ही उनका यह सपना पूरा होने जा रहा है।

यह भी पढ़ें  समस्तीपुर: मैट्रिक परीक्षा में कम अंक आने पर छात्रा ने दी जान

उन्होंने पिछले दो दशकों से बिहार की जनता द्वारा दिए गए भरोसे के लिए आभार भी व्यक्त किया। साथ ही यह भी कहा कि राज्यसभा में जाने के बाद भी वे बिहार के विकास और जनता के हित के लिए सक्रिय रहेंगे।

सच के साथ खड़े हों — स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें। Gaam Ghar

Donate via UPI

UPI ID: 7903898006@sbi

कुल मिलाकर बिहार की राजनीति एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। आने वाले कुछ सप्ताह में यह तय होगा कि राज्य की कमान किस नए चेहरे के हाथों में जाएगी।

Gaam Ghar Desk

गाम घर डेस्क के साथ भारत और दुनिया भर से नवीनतम ब्रेकिंग न्यूज़ और विकास पर नज़र रखें। राजनीति, एंटरटेनमेंट और नीतियों से लेकर अर्थव्यवस्था और पर्यावरण तक, स्थानीय मुद्दों से लेकर राष्ट्रीय घटनाओं और वैश्विक मामलों तक, हमने आपको कवर किया है। Follow the latest breaking news and developments from India and around the world with 'Gaam Ghar' news desk. From politics , entertainment and policies to the economy and the environment, from local issues to national events and global affairs, we've got you covered.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button