बिहार : राज्य में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है—तीन लाख रुपये के इनामी नक्सली सुरेश कोड़ा ने स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों के समक्ष सरेंडर कर दिया है और साथ ही अपने पास रखे गए कई बड़े आकार के हथियार तथा गोला-बारूद सौंप दिए हैं। सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि कोड़ा ने एक AK-47, एक AK-56, दो INSAS राइफलों और लगभग 500 राउंड गोलियों का जखीरा भी समर्पित किया है।
पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने बताया कि सुरेश कोड़ा लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में संलिप्त रहकर क्षेत्र में भय का माहौल बनाये रखता था और उस पर कई आपराधिक मामले दर्ज थे। उसकी गिरफ्तारी और हथियार बरामदगी के लिए वर्षों से चल रही खोजबीन और खुफिया तंत्र की लगातार प्रतिक्रियाओं के बाद ही यह सफलता मिली है। कोड़ा के नाम पर जारी किया गया इनामात्मक धनराशि—₹3,00,000—उसकी खतरनाक सक्रियता का संकेत मानी जा रही थी।
सरेंडर की प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने सुरक्षा दृष्टि से पूरे स्थल को घेरकर कड़ी निगरानी रखी। सुरेश को तुरंत हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएँ पूरी की जा रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि उसे आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर संबंधित थाने में बंद कर दिया गया है और उसके विरुद्ध दर्ज मामलों की विस्तृत सूची की पुष्टि की जा रही है। साथ ही उसके द्वारा सौंपे गए हथियारों और गोला-बारूद की फोरेंसिक तथा बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि इन हथियारों का प्रयोग किन-किन घटनाओं में हुआ है और किसी अन्य अपराधिक कड़ी से उनका संबंध तो नहीं।
प्रशासन ने बताया कि सुरेश कोड़ा के सरेंडर में क्षेत्रीय पुलिस, अर्धसैनिक बल और खुफिया इकाइयों की नजदीकी कोऑर्डिनेशन भूमिका रही। राज्य प्रशासन ने कहा है कि नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए जा रहे संयोजित अभियानों और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की रणनीतियों का यह सकारात्मक परिणाम है। पुलिस प्रवक्ता ने कहा, “सरेंडर और हथियार समर्पण से संबंधित सभी पहलुओं की सही तरह से जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं जो लोग सच्चे मन से हथियार छोड़कर शान्ति की राह चुनते हैं, उनके पुनर्वास और पुनःसमायोजन के लिए धारावाहिक कदम भी अपनाए जाते हैं।”
वहीं प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि सुरेश के पास से बरामद हथियारों की पृष्ठभूमि और आपूर्ति चैन की पड़ताल की जा रही है। यह जानना महत्वपूर्ण है कि क्या ये हथियार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े थे और किन स्रोतों से उन्हें मुहैया कराये गये। पुलिस के अनुसार, बरामद बैरलों व मैगज़ीनों पर चल रही तकनीकी पड़ताल भविष्य में अपराधियों व आपूर्ति शृंखला के खिलाफ और ठोस सबूत प्रदान कर सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने सुरेश के सरेंडर पर राहत जताई है और कहा कि इससे क्षेत्र में आम जीवन-सुविधा और सुरक्षा के संकेत मजबूत होंगे। सुरक्षा बलों ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सहयोग करें।
अब जांच एजेंसियाँ सुरेश कोड़ा के समूचे नेटवर्क, उसके मोहल्ले में उसके संभावित समर्थकों तथा हथियारों के स्रोतों की विस्तृत पड़ताल करेंगी। आगे की कानूनी प्रक्रिया, आवश्यक आरोप-प्रस्ताव और संभावित अदालतीन कार्रवाईयां समयानुसार पूरी की जाएंगी। सुरक्षा बलों का कहना है कि नक्सलवाद के खिलाफ चलाया गया यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे ही समाधानपूर्ण कदमों से प्रदेश में स्थिरता लाने का प्रयास जारी रहेगा।




